उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सीएम को सौंपा मांग पत्र
रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मिले पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, झारखंड राज्य हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन मंजूर अहमद अंसारी, पूर्व प्रवक्ता खुर्शीद हसन रूमी, सीनियर पत्रकार शफीक अंसारी ने मिलकर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मांग पत्र सौंपा। पत्र में कहा की आपके नेतृत्व में सरकार गठन के बाद विद्यालयों में नियुक्ति शिक्षको का मामला लंबित था। इसमें आ रहे बाधा को समाप्त कर आपके निर्देश पर वर्षों से लंबित नियुक्त शिक्षकों का बड़े पैमाने पर अनुमोदन का कार्य किया जारहा है। जो अंतिम चरण में है। इसी तरह अल्पसंख्यक उर्दू शिक्षकों का मामला भी वर्षों से लंबित था। आपके निर्देश के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। निम्नलिखित की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं। 1) राज्य गठन के समय राज्य में उर्दू शिक्षकों के 4401 पद रिक्त था इसमें अबतक 700 उर्दू शिक्षकों की बहाली हो पाई है। पिछले 22 वर्षों में बड़े पैमाने पर उर्दू शिक्षकों का पद रिक्त हो गया है। उर्दू शिक्षकों के अभाव में प्राथमिक स्तर पर सैकड़ों उर्दू स्कूल या तो बंद हो गए या अन्य हिन्दी माध्यम स्कूलों में विलय कर दिया गया। इसी तरह हाई स्कूलों में उर्दू शिक्षकों के पद रिक्त हैं जिसके कारण पठन-पाठन का कार्य बाधित हुआ है। अतएव बैकलॉग के 4401 उर्दू शिक्षकों के बहाली का शिघ्र निर्णय लिया जाए। 2) आपके निर्देश पर राज्य में 50000 हजार शिक्षकों के नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। निःसंदेह शिक्षकों के नियुक्ति से एक बड़ा वर्ग सीधे रोजगार से जुड़ जाएगा। इससे उर्दू भाषी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया से वंचित न किया जाए । 3) उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिला स्तर पर पदों को चिन्हित करने की जरूरत है। रिक्त पदों का वास्तविक आकड़ा जिला स्तर पर डी.ई.ओ. से मंगा कर आंकड़ा प्राप्त होने के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह तभी संभव है जब विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर उन्हें त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया जाए। और उस बैठक में जन प्रतिनिधियों का भी आमंत्रित किया जाए। अतः आपसे आग्रह है कि उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उपर्युक्त सुझावों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देना चाहेंगे। जिसके सुनने और मांग पत्र पढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा की आज ही इससे संबंधित एक बैठक बुलाकर कार्य को आगे बढ़ाएंगे। इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, कल्याण मंत्री हफिजुल हसन अंसारी, विधायक दीपिका पांडे सिंह, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, झारखंड राज्य हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन मंजूर अहमद अंसारी, पूर्व प्रवक्ता खुर्शीद हसन रूमी, सीनियर पत्रकार शफीक अंसारी आदि मौजूद थे।

