महंगाई पर चर्चा के लिए कांग्रेस ने खूंटी और गुमला में लगाया जन चौपाल
खूंटी/गुमला : झारखंड सरकार के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव शुक्रवार को खूंटी और गुमला के बसिया में महंगाई पर चर्चा में शामिल हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज दूसरे दिन भी डॉ रामेश्वर उरांव ने महंगाई और बेरोजगारी नियंत्रित करने में असफल होने के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
खूंटी में महंगाई पर चर्चा के दौरान डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि वर्ष 2014 में जब केंद्र में कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी, तो उस वक्त रसोई गैस की कीमत करीब 410 के आसपास थी, अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमत भी नियंत्रित थी, मनरेगा और अन्य योजनाओं के माध्यम से गांव में ही ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा था। लेकिन अब महंगाई बेकाबू हो गई है, बेरोजगारी बढ़ी है, करोड़ों लोगों का रोजगार छीन गया है।
पेट्रोल की कीमत यूपीए शासन में अधिकतम 71 रुपये थी, आज यह 100 रुपये पार कर दिया गया है, डीजल की कीमत 57 रुपये प्रति लीटर से बढ़क रवह भी करीब 100 रुपये के आसपास पहुंच गयी है। सरसो तेल की कीमत 80-90 रुपये थी, अ बवह बढ़कर 200 रुपये हो गयी। आटा 22 रुपये प्रति किलो था, अब वह बए़कर 40 रुपये प्रति किग्रा हो गया है। दूध की कीमत 35 रुपये लीटर थी, अ बवह 60 रुपये हो गयी है।
उन्होंने कहा कांग्रेस की सरकार में मूल्य थोड़ी सी भी बढ़ोत्तरी होती थी तो सरकार सप्लाई बढ़ा देती थी और सब्सिडी दिया करती थी, वहीं बेरोजगारी दूर करने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करती थी , परंतु वर्तमान केन्द्र की सरकार दोनों मोर्चों पर पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
महंगाई चौपाल के माध्यम से कांग्रेस नेताओं यह बताने का प्रयास किया कि केंद्र की बीजेपी सरकार से आम लोगों और विशेष कर गरीबों का जीना मुहाल हो गया है। इस मौके पर बड़ी संख्या में आमजनों ने भी अपनी बात रखी और केंद्र सरकार को महंगाई और बेरोजगारी के लिए जिम्मेवारी ठहराया।

