1500नव नियुक्त पीजीटी शिक्षकों को सीएम हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री बैधनाथ राम ने नियुक्ति पत्र बांटा
रांची: राजधानी रांची का प्रभात तारा मैदान शुक्रवार को1500नव नियुक्त पीजीटी शिक्षकों और उसके परिजनों का गवाह बना, मौका था पीजेटी शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र वितरण का,सीएम हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री बैधनाथ राम ने1500नव नियुक्त पीजीटी शिक्षकों नियुक्ति पत्र प्रमाण पत्र वितरित किया।
कार्यक्रम स्थल से सीएम ने 13 अग्निशमन गाड़ियों का उद्घाटन कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।15 करोड़ रुपए की लागत से13 अत्याधुनिक वाहन की खरीदारी की गई है।अब विभाग में 118 गाडियां हो गई है।
शिक्षकों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरण के बाद संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा लंबे समय से आज का इस दिन का आप लोग इंतजार कर रहे थे और सरकार के लिए भी आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है। आज शिक्षकों को नियुक्त हुई है। बीस हजार से अधिक नियुक्तियां पहले भी हम लोगों ने दे दिया था। 60 हजार नौजवानों को अलग अलग फील्ड में नौकरियां दी है।
बस एक रास्ता दिखाया है हमने और नौजवान आगे बढ़ रहे हैं। विदेशों में भी अपना और झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि कोरोना महामारी का हम लोगों ने डट कर मुकाबला किया। बदहाल अस्पतालों की स्थिति को सुधारा गया। कोरोना काल में पूरी दुनिया ठहर सी गई थी। सभी कल कारखाने,बस ट्रेन बंद हो गई थी। महामारी में लोग मर रहे थे। लेकिन झारखंड में हमारी सरकार ने किसी को मरने नहीं दिया। हमने दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई करने का काम किया। इस तरह समय बीतने के साथ ही विरोधी मेरे ऊपर साजिश करते रहे और अपने केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम में मुझे झूठे केस में जेल की हवा खिलाने का काम किया गया।
लेकिन उन तमाम षड्यंत्र के बाद भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा। यह सह और मात का खेल चलेगा। लेकिन विकास नहीं रुकेगा।
आज सभी सरकारी संस्थाओं को केंद्र सरकार निजी हाथों में दे रही है। नतीजा नौकरियां कम हो रही है। देश के बड़े बड़े उद्योगपतियों ने देश का खजाने से पैसा लिए ,लेकिन रोजगार नहीं दिया।
आज केंद्र सरकार की नीतियों के कारण कई छोटे और मझौले उधोग बंद हो गए।
उन्होंने एचईसी का उदहारण दिया कहा कि आज एचईसी बदहाल हो गई है। इसके जिम्मेवार केंद्र सरकार है। आज इसमें कर्मियों को सैलरी नहीं मिल रही है। इस उद्योग को बचाने का काम भारत सरकार है। अगर एचईसी को भारत सरकार झारखंड सरकार को दे से तो यह फिर से हरा भरा हो जायेगा।
सीएम ने कहा एयरपोर्ट,रेल बिक गया और कई लाइन में है। डॉलर के मुकाबले भारत का रुपए की क्या हालत है यह सभी जानते हैं।
जिस देश का राजा व्यापारी होगा उस देश की जनता भिखारी होगा।
बीजेपी को मैं चुनौती देता हूं,इसी प्रभात तारा मैदान में आकार डीबेट कर ले। बीजेपी ने क्या किया और मैंने इस राज्य में क्या किया यह फैसला हो जायेगा।
न्यायालय के आदेश के बाद भी उनका आचरण में बदलाव नहीं हुआ है।
यहां पर शिक्षा का लगभग नहीं के बराबर है। यहां मजदूर प्रदेश रूप में जाना जाता था। मिशन के कारण कई आदिवासी पढ़ लिख पाए।
मैने पहले चरण में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने का काम किया है। अभी और भी ऐसे स्कूल बनेंगे और भी शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
हम अपने आने वाले पीढ़ी को तेज तर्रार और पढ़ा लिखा बनाए।
यह देश का पहला राज्य है जहां अपनी ताकत से आदिवासी बच्चे स्कॉलरशिप में विदेशों में शिक्षा लेने जाते हैं।
हमने पेंशन लागू किया,जबकि केंद्र सरकार ने पेंशन बंद कर दिया।
फुलोबाई सावित्री योजना लाया। गुरुजी क्रेडिट कार्ड भी शुरू किया है। जिसमे 15 लाख तक लोन मिलेगा। वह भी चार प्रतिशत पर मिलेगा।
शिक्षकों को स्थानीय भाषा की जानकारी होना जरुरी है। बच्चों के माता पिता से स्थानीय भाषा में बातचीत करना होगा।
वहीं स्कूली शिक्षा एवम साक्षरता मंत्री बैधनाथ राम ने नव नियुक्त शिक्षकों को बधाई दी। साथ ही कहा की सीएम हेमंत सोरेन झारखंड को विकसित राज्य बनाना चाहते हैं,युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं,किसानों को उन्नत खेती के गुर सीखना चाहते हैं।
मंत्री ने कहा कि मानव संसाधन सभी संसाधनों से उत्तम साधन है । लगातार विद्यालयों की स्थिति में सुधार हुआ है। साथ ही पढ़ाई बेहतर हुई है। आने वाले दिनों में उन्नत और विकसित झारखंड बनाने के लिए हम सभी सीएम के साथ काम करेंगे।
मंत्री ने कहा आप अपने विद्यालय में बच्चों को उचित शिक्षा देने का काम करेंगे। झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा है। कई विद्यालय में ड्रॉप आउट की समस्या है,इसे रोकना होगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों में शिक्षा के साथ साथ संस्कार देते हैं। समाज और देश में शिक्षकों का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता,डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में खिजरी विषयक राजेश कच्छप,राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवम साक्षरता विभाग के प्रभारी सचिव उमाशंकर सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।

