रामविलास पासवान का राजनीतिक उत्तराधिकारी मैं चिराग सिर्फ संपत्ति के वारिस : पारस
नई दिल्ली/पटना : केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि वह अपने बड़े भाई और दिवंगत नेता रामविलास पासवान के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं, जबकि उनके बेटे चिराग पासवान केवल दिवंगत भाई की संपत्ति पर दावा कर सकते हैं। पारस ने यह टिप्पणी मीडिया की तरफ से उनके और चिराग के बीच रिश्तों के बारे में पूछे गए सवाल पर की।
रामविलास पासवान की पारंपरिक लोकसभा सीट हाजीपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे पारस ने कहा कि मैं बता सकता हूं कि कैसे मैं ‘बड़े साहेब’ का राजनीतिक उत्तराधिकारी हूं। उन्होंने (रामविलास पासवान) चुनावी करियर की शुरुआत 1969 में बिहार की अलौली सीट के विधायक के तौर पर की और 1977 में हाजीपुर से सांसद बनने के लिए अलौली सीट छोड़ दी। उन्होंने मुझे इस विधानसभा सीट से लड़ने के लिए कहा और उनके आदेश के बाद मैं उक्त सीट से जीता, जबकि तब मैं सरकारी नौकरी कर रहा था।
पारस ने 2019 लोकसभा चुनाव में संसदीय पारी तब शुरू की थी जब उनके भाई ने राज्यसभा का सदस्य बनने का फैसला किया। पारस ने दावा किया ‘बड़े साहेब’ के कहने पर उन्होंने दिल्ली का रुख किया जबकि वह खुद इसके लिए इच्छुक नहीं थे। यहां तक मैंने बेटे (चिराग) या भाभीजी (चिराग की मां) को हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ाने पर विचार करने का अनुरोध किया था।
पारस ने कहा कि मैं बिहार में अच्छा समय बिता रहा था। नीतीश कुमार सरकार में मंत्री के साथ ही लोजपा की राज्य इकाई का अध्यक्ष था, लेकिन ‘बड़े साहेब’ ने राष्ट्रीय राजनीति में आने पाए जोर दिया था।

