छठ पूजा लोक आस्था का महापर्व:संजय सर्राफ
रांची:विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि छठ पूजा लोक आस्था का महापर्व है। भगवान सूर्य देव की उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा दीपावली के दूसरे दिन से ही छठ पूजा के संकल्प के साथ तैयारी शुरू हो जाती है। छठ पूजा कठोर तपस्या का व्रत है। यह एक ऐसा व्रत है जिसमें पूजा अर्चना के लिए न तो किसी प्रकार का विशेष मंत्र है और ना ही किसी पंडित पुरोहित की आवश्यकता पड़ती है।यह महाव्रत प्रकृति की पूजा प्राकृतिक संसाधन के द्वारा किया जाता है। यह सूर्य भगवान और उनकी शक्ति (प्रकाश ताप ऊर्जा इत्यादि) की उपासना, साधना और आराधना की जाती है। छठ पूजा में बांस के सूप का प्रयोग किया जाता है। गेहूं को धोकर सुखाकर पीसकर आटा से अर्घ्य के लिए ठेकुआ बनाया जाता है। समर्पण के रूप में प्रकृति से उपलब्ध फल सब्जी केतारी इत्यादि का उपयोग किया जाता है। इस पूजा के व्रती आडंबर और तामझाम से स्वयं को दूर ही रखते हैं। ऐसी मान्यता और लोकआस्था है कि छठ पूजा करने से मनोकामनाएं निश्चित ही सिद्ध होते हैं। तथा सभी के जीवन में सुख- समृद्धि और शांति आती है।

