सिरमटोली सरना स्थल रैंप मामले में केंद्रीय सरना समिति ने किया खुलासा

केंद्रीय सरना समिति रांची बंद में नहीं होगी शामिल: अजय तिर्की

रांची: सिरमटोली सरना स्थल फ्लाईओवर रैंप हटाने के मामले में कई आदिवासी संगठनों ने 22मार्च को रांची बंद करने का ऐलान किया है। वहीं केंद्रीय सरना समिति इस बंद में शामिल नहीं होगी। समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि हमलोग विकास विरोधी नहीं है। अजय तिर्की ने आदिवासी समाज के लोगों और प्रदेश की जनता के सामने कई सनसनी खेज खुलासे किए। बहुत दिनों से रांची में सरना स्थल सिरम टोली के सामने बंद रहे रैंप के विरोध में हो रहे प्रदर्शन और राजनीति के पीछे का सच उजागर किया।
अजय तिर्की और अन्य आदिवासी संगठन के लोगों ने यह बताया कि जो समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं ,उन्होंने ही भू अर्जन विभाग में सरना स्थल की जमीन के लिए मुआवजा लेने के लिए आवेदन दिया था ।जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उन्हें में से मुख्य व्यक्ति अरविंद हंस ने भू अर्जन विभाग द्वारा भेजा हुआ नोटिस रिसीव किया। नोटिस केंद्रीय सरना समिति के नाम से था, पर उन्होंने नोटिस को दबा दिया और भू अर्जन विभाग को आवेदन देकर स्वयं के लिए मुआवजा मांगा ।लेकिन जब यह खुलासा हुआ कि जो 10 फीट जमीन ली गई थी वह गैर मजरूआ आम भूमि है, इसके लिए कोई मुआवजा का प्रावधान नहीं है ,तब सरकार पर पैसों के लिए दबाव बनाने के लिए इन्होंने रैंप का मुद्दा बनाकर विरोध करने की रणनीति बनाई। अरविंद हंस और उनके गुट के लोग आदिवासी समाज के आस्था और भावना का दुरुपयोग निजी स्वार्थ के लिए करके विपक्षी दलों के सहयोग से विकास कार्य में बाधा डालकर समाज और सरकार के बीच में जहर घोलकर सौदेबाजी का प्रयास करना चाहती है। यह लोग समाज और शहर में अशांति फैला कर अपना राजनीतिक चेहरा चमका कर पैसों का बंदर बांट करना चाहते हैं । ऐसे समाज विरोधी शक्तियों को हम मिटा देंगे।अजय तिर्की ने यह भी बताया कि पहले विरोध क्यों नहीं किया गया यह फ्लाईओवर तो 2 साल पूर्व से बन रहा है। जब तक अरविंद हंस और उनके साथियों को पैसे मिलने की उम्मीद थी, तब तक उन्होंने कोई विरोध नहीं किया। जब एलएनटी कंपनी के द्वारा और 10 फीट लेने की मांग हुई तो अजय तिर्की जी ने समाज के लोगों का सीधे मुख्यमंत्री जी से मुलाकात करवाकर इसका निराकरण कराया और यह निर्णय लिया गया कि अब 1 इंच जमीन भी सरना स्थल की नहीं ली जाएगी। अजय तिर्की ने यह भी कहा है कि ऐसे समाज विरोधी भेरीयो को चिन्हित करके समाज से बहिष्कार करें, कल का बंदी का विरोध करें, और आने वाले सरहुल पर्व की तैयारी धूमधाम से करके समाज अपनी सकारात्मक और विकास प्रिया होने का परिचय दें। इस बैठक में मुख्य रूप से शिलाजीत तिर्की जी अध्यक्ष केंद्रीय सरना समिति, श्री रूपचंद केवट जी श्री अजीत उरांव जी अध्यक्ष झारखंड क्षेत्रीय पहाड़ा, राजीव पाड़ा सरना प्रार्थना सभा भारत, बड़ा घाघरा डोरंडा सरना समितिश्री सचिन कचछप केंद्रीय सरना समिति सदस्य कैलाश तिर्की जी फ्रीडम फाइटर झारखंड सोशल वर्क मुन्ना आरंग की केंद्रीय सरना समिति कृष्ण मुंडा जी मोराबादी सेवा समिति टेट्रा टोली दयाराम जी आदिवासी छात्र संगठन रवि मुंडा जी तेतर टोली सरना समिति, सोनम लाकड़ा जी दीपिका कश्यप जी सुनील सोरेन जी अमित मुंडा जी अखिलेश पाहन जी तुषार कश्यप जी सुभाष मुंडा जी अमित मुंडा जी एवं अन्य आदिवासी छात्र संगठन एक्स के सदस्य मौजूद थे। *निम्नलिखितआदिवासी संगठन के लोगों ने कहां की वह कल के रांची बंद का समर्थन नहीं करते हैं। बढ़िया तू सारणसमिति। हेसल सरना समिति। बड़ा घाघरा सरना समिति, मनी टोला सरना समिति, पोखर टोली सरना समिति, हरमू सरना समिति, पहाड़ी टोला सरना समिति, कडरू फूल टोली सरना समिति, नया टोली बरियातू सरना समिति, राजीव पड़ाहा सरना प्रार्थना सभा भारत महिला प्रकोष्ठ, केंद्रीय सरना समिति भारत, हरमू देला टोली सरना, समिति खोखमाटोली सारना समिति, बिरसा चौक सरना समिति, मोराबादी तेतर टोली सरना समिति, रांची महानगर सरना प्रार्थना सभा रांची, खजरी सरना समिति नामकुम, लोआडी सारना समिति, 22 पड़ाहा सरना समिति कोकर, बंद गाड़ी सरना समिति, न्यू गार्डन सरना समिति सिरम टोली रांची।

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