सीजीएल नियुक्ति रद्द होने के विरोध में तीसरे दिन भी अभ्यर्थियों का धरना जारी, बोले- नौकरी दो या फांसी
रांची: झारखंड में सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रालय के मुख्य गेट के पास धरने पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से नियुक्ति रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने गले में फंदा डालकर विरोध जताया और कहा कि सरकार नौकरी नहीं दे सकती तो उन्हें फांसी दे दे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति मिलने के बाद करीब सात महीने तक उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में काम किया। अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने से उनके सामने आर्थिक और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि सरकार के फैसले से वे मानसिक रूप से भी परेशान हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी नौकरी बहाल नहीं की गई तो वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे।
प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों को कुटे मैदान में धरना देने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने वहां जाने से इनकार कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि कुटे मैदान शहर से दूर है और वहां भेजे जाने से उनकी आवाज सरकार और अधिकारियों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पाएगी। इसी वजह से वे प्रोजेक्ट भवन के मुख्य गेट पर धरना दे रहे हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार, जेएसएससी सीजीएल की पहली परीक्षा जनवरी 2024 में हुई थी। परीक्षा में गड़बड़ी और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सितंबर 2024 में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। दूसरी परीक्षा को लेकर भी विवाद हुआ और मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
अभ्यर्थियों का दावा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ और 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उनका कहना है कि उन्होंने करीब सात महीने तक नौकरी की, लेकिन अब सरकार ने नियुक्ति रद्द कर दी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार दोबारा परीक्षा कराने की बात कर रही है, लेकिन कई चयनित अभ्यर्थियों की उम्र अब निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच चुकी है या वे आयु सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे में उनके लिए दोबारा परीक्षा में शामिल होना आसान नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक नियुक्ति बहाल करने को लेकर फैसला नहीं होता, उनका धरना जारी रहेगा।


