बिहार में आइएएस अफसरों का टोटा, चरमराया कैडर मैनेजमेंट, 157 पद रिक्त

पटनाः बिहार में आइएएस अफसरों का टोटा हो गया है। इस वजह से कैडर मैनेमेंट भी चरमरा गया है। एक अफसर के पास कई विभागों की जिम्मेवारी है। बिहार में आइएएस के 359 पद स्वीकृत हैं, जबकि 202 अफसर ही कार्यरत हैं। इस हिसाब से 157 पद रिक्त हैं। राज्य में 15 आइएएस अधिकारियों के पास तीन से लेकर चार बड़े विभागों की जिम्मेदारी है। सामान्य प्रशासन विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 23 ऐसे आइएएस अधिकारी हैं, जिनके पास दो से तीन विभागों की जिम्मेदारी है।
राज्य सेवा के अफसरों को नहीं मिली प्रोन्नति
बिहार में चार वर्षों से प्रोन्नति की प्रक्रिया उलझी रही। बिहार सरकार ने प्रकिया पूरी कर पिछले वर्ष फाइल आगे बढ़ाई तो वह जाकर अब केंद्र सरकार के कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग में अटक गई है। इस दौरान कई पीसीएस अधिकारी बगैर प्रोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए।सिविल सेवा परीक्षा-2020 के आधार पर 54 आइएएस अधिकारियों की सेवा बिहार को आवंटित करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया गया है। इसके अतिरिक्त पीसीएस से प्रोन्नति कोटा के विरुद्ध चयन वर्ष 2018 के 22, चयन वर्ष 2019 के 16 और चयन वर्ष 2020 के 17 पदों पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

78 पद हैं केंद्रीय प्रतिनियुक्ती के
बिहार कैडर के लिए स्वीकृत आइएएस अधिकारियों के कुल 359 पदों में से 78 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति वाले हैं। प्रशिक्षण के लिए छह, राज्य प्रतिनियुक्ति के लिए 48, कनीय स्तर के 32 व प्रोन्नति कोटा के 109 पद हैं। अभी बिहार में कार्यरत 202 अधिकारियों में मुख्य सचिव स्तर के 11, प्रधान सचिव स्तर के 15, सचिव स्तर के 27, विशेष सचिव, अपर सचिव व संयुक्त सचिव स्तर में 118 और कनीय पद पर 31 आइएएस अफसर कार्यरत हैं। वहीं, विभिन्न स्तरों के 31 अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।

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