भागलपुर: 40 से 49 उम्र के वोटरों के हाथ सत्ता की चाबी, राजनीतिक पार्टियों के लिए किंगमेकर
भागलपुर। अबकी बार, उम्रदराज़ की सरकार। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भागलपुर के वोटिंग ट्रेंड्स कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं। हाल ही में जारी अंतिम मतदाता सूची ने साफ कर दिया है कि इस बार 40 से 49 साल के वोटर राजनीतिक पार्टियों के लिए किंगमेकर बनकर उभरने वाले हैं।
भागलपुर विधानसभा क्षेत्र में इस उम्र वर्ग के 81,293 मतदाता हैं, जो बाकी सभी आयु वर्गों को पीछे छोड़ते हैं। यानी नेताओं को अब युवा नहीं, अधेड़ उम्र के वोटरों को मनाने की ज़रूरत है।
चुनावी समर में आंकड़े ऐसे हैं:40-49 वर्ष: 81,293 वोटर (भाग्य विधाता घोषित!)50-59 वर्ष: 51,253,60-69 वर्ष: 32,877,70-79 वर्ष: 16,503,80-89 वर्ष: 5,161और हां, 100 पार करने वाले भी पीछे नहीं – इस बार 100 से 109 वर्ष के 48 जांबाज़ मतदाता भी वोट डालने को तैयार हैं।
युवाओं की बात करें तो पीरपैंती और कहलगांव में 18 से 39 साल की उम्र के वोटरों की तादाद सबसे ज्यादा है। पीरपैंती में तो 30 से 39 आयु वर्ग के वोटरों की गिनती 1 लाख पार कर गई है – 1,05,770 वोटर! यानी वहां का युवा अब केवल रोजगार की बात नहीं करेगा, अब सत्ता का रास्ता भी तय करेगा।
हर विधानसभा की खास बात:आयु वर्ग सबसे ज्यादा मतदाता विधानसभा
18-19 वर्ष 7,842 कहलगांव
20-29 वर्ष 80,012 कहलगांव
30-39 वर्ष 1,05,770 पीरपैंती
40-49 वर्ष 81,293 भागलपुर
50-59 वर्ष 51,253 भागलपुर
90-99 वर्ष 693 सुल्तानगंज
100+ वर्ष 99 सुल्तानगंज
राजनीतिक दलों की रणनीति होगी दिलचस्प :अब जब कि 11 नवंबर को मतदान होना है। प्रत्याशियों की घोषणा और नामांकन के बाद चुनावी शतरंज बिछनी शुरू हो जाएगी। लेकिन इस बार दांव युवाओं पर नहीं, मिड-एज मास्टरमाइंड्स पर लगेगा।राजनीतिक दलों के लिए यह सीधा संदेश है कि “अगर जीत चाहिए, तो 40-49 वालों को समझाओ!चुनाव अब केवल युवाओं का उत्सव नहीं रहा, बल्कि हर उम्र का योगदान अहम है। मगर इस बार सत्ता की चाबी, ना बुज़ुर्गों के पास, ना युवाओं के पास। बीच की उम्र के हाथों में है। तो देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी इन चालीसियों का दिल जीत पाती है!



