छठ पर्व के बाद यात्रियों के लिए “रेल का स्नेह-संवाद”: भागलपुर और जमालपुर स्टेशन बने सुविधा के नए केंद्र

भागलपुर। छठ पर्व की भक्ति जब चरम पर होती है, तब बिहार और झारखंड से लाखों श्रद्धालु अपने घरों की ओर लौटने लगते हैं। इसी उमंग और भीड़ के बीच, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने इस बार यात्रियों के लिए एक नया अनुभव तैयार किया है। ऐसा अनुभव जिसमें सुरक्षा, सुविधा और संस्कृति तीनों का समावेश है।
छठ के समापन के बाद यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के निर्देशन में भागलपुर और जमालपुर रेलवे स्टेशनों पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं ताकि यात्रियों की यात्रा केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि सुकून भरी भी हो।
भागलपुर स्टेशन: यात्रा से पहले विश्राम का ठिकाना
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं –
पहला: स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया (20m × 10m) – लगभग 1200 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था।
दूसरा: प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर (13.20m × 6.5m) – लगभग 500 यात्रियों की क्षमता।

इन क्षेत्रों में लाइट, पंखे, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई हेतु डस्टबिन, स्पेशल ट्रेन टाइमटेबल बोर्ड, चिकित्सा सहायता बूथ और 24 घंटे सक्रिय घोषणा प्रणाली (Announcement System) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

रेल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रियों को किसी भी क्षण भ्रम या असुविधा न हो। इसके लिए CCTV कैमरे, डॉग स्क्वाड, और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

भक्ति के स्वर और तकनीक का मेल

होल्डिंग एरिया में छठ गीतों का मधुर प्रसारण यात्रियों के मन को शांत कर रहा है। इसके अलावा सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए एक विशेष पोडियम बनाया गया है, जहाँ स्थानीय कलाकार और यात्री स्वयं छठ गीत गा सकते हैं। इससे स्टेशन परिसर सिर्फ प्रतीक्षा स्थल नहीं, बल्कि भक्ति और लोकसंस्कृति का उत्सवस्थल बन गया है।

साथ ही, टिकटिंग व्यवस्था को भी यात्रियों के अनुकूल बनाया गया है – M-UTS मोबाइल टिकटिंग सीधे होल्डिंग एरिया में उपलब्ध है। ATVM मशीनें और नजदीकी टिकट काउंटरों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात हैं ताकि कोई भी यात्री लाइन में समय बर्बाद न करे।

सुरक्षा और सुविधा, दोनों पर पैनी नजर

हर होल्डिंग एरिया में चिकित्सा सहायता बूथ मौजूद हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए सदर अस्पताल, भागलपुर से समन्वय कर एंबुलेंस सेवा तैयार रखी गई है। साथ ही, एनजीओ “सेंट्रल रेलवे पैसेंजर एसोसिएशन” के स्वयंसेवक यात्रियों को स्वच्छ पेयजल और प्राथमिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

जमालपुर स्टेशन: सुविधा का दूसरा केंद्र

इसी तर्ज पर जमालपुर रेलवे स्टेशन पर भी एक अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाया गया है।

स्थान: स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया (26m × 6.5m)

क्षमता: लगभग 500 यात्री

यहाँ भी यात्रियों के लिए पंखे, लाइट, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, विशेष समय-सारणी बोर्ड और चिकित्सा बूथ जैसी सभी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।
छठ गीतों के प्रसारण और सांस्कृतिक पोडियम के जरिए माहौल को भक्ति और उल्लास से सराबोर बनाया गया है।

जमालपुर रेलवे अस्पताल की टीम और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं भी यात्रियों की सेवा में तत्पर हैं।रेल प्रशासन की सजगता और संवेदनशीलता

पूर्व रेलवे, मालदा मंडल ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। स्टेशनों पर सीसीटीवी कवरेज को विस्तारित किया गया है।

रेलवे पुलिस और आरपीएफ टीमों की राउंड पेट्रोलिंग सक्रिय है। यात्रियों के लिए हेल्प डेस्क और इन्फो कियोस्क भी स्थापित किए गए हैं।

मंडल रेल प्रबंधक का संदेश

मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता ने कहा – छठ पर्व न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि यह बिहार और झारखंड के लोगों की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ा उत्सव है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं की घर वापसी उतनी ही सुखद और सुरक्षित हो जितनी भावपूर्ण उनकी पूजा थी।

यात्रियों की मुस्कान, रेलवे की पहचान

छठ पूजा के बाद लाखों यात्री जब अपने गंतव्यों की ओर रवाना होंगे, तो भागलपुर और जमालपुर स्टेशन उन्हें केवल ट्रेन नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सुव्यवस्था का अनुभव भी देंगे।

मालदा मंडल की यह पहल बताती है कि रेलवे सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का प्रतीक है जहां आस्था मिलती है व्यवस्था से, वहां रेलवे बन जाता है घर वापसी का सबसे सुरक्षित रास्ता।

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