बंग समुदाय ने धूमधाम से मनाया बंगला नववर्ष
खूंटी: हरि मंदिर खूंटी में बंग समुदाय के द्वारा बहुत ही धूमधाम से बंगला नववर्ष मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रविंद्रनाथ टैगोर की कविता एशो हे वैशाख एशो एवं केक काटकर की गई ।इस कार्यक्रम में परिवार के सभी महिलाओं द्वारा मिलकर रंगारंग कार्यक्रम किया गया एवं बच्चों द्वारा डान्स की प्रस्तुति भी की गई । सैकत कुमार दास के द्वारा बताया गया कि यह बंगला की 1431वी नौ वर्ष है ।इसकी शुरुआत मुग़ल बादशाह अक़बर के ज़माने में हुई थी बंगाल में किसानों से कर वसूली की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बंगाबघ की शुरुआत की थी। इसका मतलब था की चौत के आख़िरी दिन पुराना हिसाब किताब चुकता कर देना है और बैसाख के पहले दिन से नया बहीखाता जिसे बंग समुदाय में हाल खाता कहा जाता है शुरू होगा ,कर वसूली की प्रक्रिया को सरल करने के लिए उठाए गए इस क़दम से ही बंगाबघ की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अरिंदम दास ,अनिर्बन दास ,देवाशीष दास ,रंजन दास ,अंजन दास एवं सभी परिवार के सदस्यों की अहम भूमिका रही
Saikat Kumar Das: हरि मन्दिर परिसर मे बेंगोली न्यू इयर मनाया गया स्थानीय बंगाली परिवार ने पोइला बोइशाख मनाया या सूचना सैकत कुमार दास ने दी।

