एनीमिया के विरुद्ध जागरूकता अभियान जरूरी : प्रीतिश नायक
राँची विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई एवं यूनिसेफ के संयुक तत्वावधान में एनिमिया जागरूकता विषय पर ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम आर यू के एन एस एस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
ऑनलाइन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर यू के डी एस डब्ल्यू डॉ राजकुमार शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि एनिमिया एक घातक बीमारी है जिसके विरुद्ध धरातल पर सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजन करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि एनिमिया जागरूकता अभियान का कार्यक्रम आयोजन करने से समाज में जो लोग इस बीमारी से ग्रसित है उनका कल्याण होगा ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता यूनिसेफ के पोषण अधिकारी प्रीतिश नायक ने कहा कि एनिमिया पिछले कई दशकों से हमारे समाज में एक समस्या बना हुआ है एवं इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।उन्होंने एन एस एस के स्वयंसेवकों इस कार्य के लिए खान – पान का सर्वें, 05 वर्ष तक के बच्चों एवं 15 से 49 वर्ष की महिलाओं के रक्त जांच में सहयोग करने की अपील की।
यूनिसेफ, झारखंड की संचार पदाधिकारी आस्था अलंग ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि एनिमिया का प्रभाव 65% किशोर अवस्था के ग्रुप में हैं इसके लिए अपने खान – पान की चीजों में बदलाव लानी चाहिये जैसे मछली, मटर, दाल, पत्तेदार सब्जियां एवं विटामीन से भरे फल खाएं।उन्होंने कहा कि हर माह एनिमिया का जांच करवाएं एवं अन्य लोगों के एनिमिया जांच कराने में सहयोग करें।
एन एस एस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि फास्ट फूड से परहेज कर पौष्टिक युक्त सामग्रियों का सेवन करने से एनीमिक होने से आसानी से बचा जा सकता है।उन्होंने कहा कि एन एस एस के स्वयंसेवक एनिमिया मुक्त भारत अभियान एवं एनिमिया मुक्त झारखण्ड अभियान में कैंपस टू कम्युनिटी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे एवं एनिमिया के साथ कुपोषण के विरुद्ध धरातल पर कार्य करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रियंका सिंह ने किया ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एन एस एस के कार्यक्रम पदाधिकारी क्रमशः हेमंत कुमार, डॉ मौसमी कुमार, डॉ पुष्पा सुरीन, कुंदन गिद्ध, रामजी यादव एवं स्वयंसेवकों में दिवाकर, प्रिंस, अमन, नेहा, काजल, अंजली, दीक्षा, पूनम, उज्ज्वल आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।

