उत्तर पुस्तिका जांच का किया वहिष्कार
रामगढ़:गांधी मेमोरियल हाई स्कूल रामगढ़ में 12 वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों की उत्तर पुस्तिका का जांच केंद्र बना है। गुरुवार से कापी का मुल्यांकन कार्य प्रारंभ हुआ। लेकिन अचानक शुक्रवार को जांच करने आए सभी शिक्षकों और प्रोफेसरों ने कॉपी जांच करने से मना कर दिया और बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए।
शिक्षकों का कहना था कि झारखंड सरकार के अंतर्गत आने वाले झारखंड एकेडमिक काउंसिल कॉपी जांच करने वाले शिक्षकों का शोषण करने का काम कर रही है। उत्तर पुस्तिका जांच करने वाले शिक्षकों ने जैक बोर्ड पर कई आरोप लगाए हैं। जुबली कॉलेज से आए प्रो आलोक सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष जैक बोर्ड के माध्यम से हर एक शिक्षकों को प्रतिदिन 40 कॉपी जांचने का आदेश था। प्रत्येक कॉपी जांचने पर सभी शिक्षकों को 20 रुपए मिला करते थे। लेकिन इस वर्ष से झारखंड एकेडमिक काउंसिल से
हर एक शिक्षकों को प्रतिदिन 70 कॉपी जांचने का आदेश दिया गया है। साथ ही हर कॉपी पर मात्र 10 रुपए की राशि देने की बात कही गई। जो शिक्षकों केलिए सम्मान जनक नहीं है। इन्हीं बातों को लेकर सभी शिक्षकों ने विरोध किया है।
रामगढ़ इंटर महिला विद्यालय के प्रोफेसर संजय सिंह ने बताया कि जैक बोर्ड शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिक्षकों पर 1 दिन में 70 कॉपी जांचने का दबाव बनाया जाएगा। तो छात्रों के साथ शिक्षक भी न्याय नहीं कर पाएंगे। 70कापी जांच करना एक शिक्षकके लिए संभव नहीं हो गा। उसके बाद भी सरकार शिक्षकों को कम पैसे देकर उनका शोषण करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षकों को होटल के खर्च के रूप में मात्र 250 रुपए दिए जा रहे हैं। जबकि पूरे रामगढ़ क्षेत्र में 250 रुपए में कोई भी होटल या ठहरने की व्यवस्था नहीं हो सकती है।
मामलों को लेकर शिक्षकों ने जैक बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कुमार महतो को पत्र लिखते हुए सारे मामले की जानकारी दी है। रामगढ़ फोटो

