कड़ी सुरक्षा के बीच अंकिता का हुआ अंतिम संस्कार, दादा ने दी मुखाग्नि, आरोपी के चेहरे में शिकन तक नहीं
रांचीः दुमका का बेटी अंकिता का अंतिम संस्कार सोमवार को कर दिया गया। इससे पहले कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें हजारों लोग शामिल हुए। डीडीसी कर्ण सत्यार्थी, एसडीएम महेश्वर महतो ने पूरी मॉनिटिरिंग की। चप्पे -चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दुमका बंद बुलाया है। स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है। वहीं आरोपी के चेहरे पर शिकन तक भी नहीं दिखा।

पुलिस कस्टडी में आरोपी हंसता हुआ दिखाई दिया। उसके बॉडी लैंग्वेज से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि उसे किसी तरह का अफसोस है। बताते चलें कि 23 अगस्त को अंकिता जब अपने घर में सोई हुई थी, तभी पड़ोस के शाहरुख हुसैन ने खिड़की से पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। परिजन उसे दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद रिम्स रेफर कर दिया था। मौत से कुछ घंटे पहले अंकिता ने बताया था कि मैं अपने कमरे में सो रही थी, अचानक कमरे की खिड़की के पास आग की लपटें देखकर मैं डर गई। जब मैंने खिड़की खोली तब देखा कि मोहल्ले का शाहरुख हुसैन हाथ में पेट्रोल का कैन लिए मेरे घर की तरफ से भाग रहा था। तब तक आग मेरे शरीर में भी लग चुकी थी और मुझे काफी जलन सी महसूस हो रही थी। ‘मैं सिर्फ यही देख पाई कि ब्लू टीशर्ट पहने, हाथ में पेट्रोल की कैन लिए शाहरुख भाग रहा था। मोहल्ले में उसे आवारा किस्म के लड़के के रूप में सब जानते थे। उसका काम सिर्फ लड़कियों को परेशान करना और उन्हें अपने झांसे में लेकर इधर-उधर घुमाना था।

