12 घंटे बाद भी नहीं उपलब्ध हो सका एंबुलेंस 108
साहिबगंज
साहिबगंज सदर अस्पताल राज्य सरकार द्वारा संचालित 108 नंबर एंबुलेंस के अपने अलग ही किस्से हैं। वक्त रहते एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाने का शायद इन लोगों ने कसम खा रखी है।
मामला साहिबगंज सदर अस्पताल का है जहां रविवार दोपहर 12:00 बजे साहिबगंज की प्रेम नगर निवासी एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे की स्थिति काफी नाजुक थी बच्चा जन्म के साथ रो नहीं पाया। अंततः आनन-फानन में सदर अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा बच्चे को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। नवजात शिशु से संबंधित मामला होने और सदर अस्पताल में नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं हो होने की स्थिति में बच्चे को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बच्चे के पिता की माली हालात इतनी अच्छी नहीं थी कि वह अपने बच्चे को हायर सेंटर ले जाने के लिए निजी वाहन की व्यवस्था कर पाते इसके लिए उन्होंने सरकार द्वारा उपलब्ध 108 नंबर पर फोन लगाया रविवार दोपहर बाद से बच्चे के पिता लाला यादव के द्वारा 108 नंबर पर लगातार प्रयास किया जाने लगा परंतु नतीजा कुछ भी नहीं निकला। थक हार कर बच्चे के पिता लाला यादव ने मीडिया वालों का सहारा लिया। मीडिया कर्मी के द्वारा रविवार शाम 7:00 बजे 108 नंबर पर बात की गई। बात के दौरान रांची में स्थित 108 नंबर के व्यवस्था प्रमुख किसी महिला ने बताया कि सदर अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अगर आप कहें तो मिर्जाचौकी से एंबुलेंस उपलब्ध कराया जाए।लगभग 7:30 बजे बरहैत से एंबुलेंस भेजने पर सहमति बनी।परंतु दुर्भाग्य सोमवार प्रातः 8 बजे तक बरहैट से एंबुलेंस साहिबगंज सदर अस्पताल नही पहुंची । अंततः बच्चे के पिता लाला यादव प्रातः अपने बच्चे को लेकर साहिबगंज के ही किसी निजी क्लीनिक में भर्ती करवाया।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब एंबुलेस रविवार शाम को ही लाला यादव के नाम से तय हो गई थी और बरहैत से साहिबगंज की दूरी महज 60 किलोमीटर है तो फिर 12 घंटा से भी अधिक समय बीतने के बाबजूद भी एंबुलेंस क्यू नही पहुंची ।आखिर मरीज की जिंदगी से खेलने का अधिकार एंबुलेंस व्यवस्थापक को किसने दिया। या कहीं ये सब केवल लोकल निजी क्लीनिक को लाभ पहुंचाने के लिए तो नही किया गया।ऐसे ही कई सवाल हैं जिनका जवाब जानने के लिए सिविल सर्जन से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु सिविल सर्जन के उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष यहां नही रखा जा सका।

