पड़ाव संघ के साथ चलेगी अद्भुत 31, 51, 71फीट की कांवड़, हर वर्ष बढ़ती दस फीट लंबाई
प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। बाबा तेरी तानाशाही, नहीं चलेगी-नहीं चलेगी, बाबा तुमको देना होगा, देना होगा-देना होगा… कुछ इन्हीं हठ व इरादों के संग पड़ाव संघ, कहलगांव की 113वीं कांवड़ यात्रा में इस वर्ष करीब तीन हजारो कांवड़ियों के जत्थे के साथ 31, 51, 71 फीट की अद्भुत कांवड़ दर्जनों शिवभक्तों के कांधों पर सजी साथ चलेगी। मालूम हो कि आगामी 16 जुलाई को यह ऐतिहासिक यात्रा कहलगांव स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट से निकलेगी। पिछले वर्ष इस 71 फीट कांवड़ की लंबाई 61 फीट थी। प्रतिवर्ष इसकी लंबाई में 10 फीट की वृद्धि की जा रही है, जो कि बीते छह वर्षों से लगातार जारी है। इस भव्य कांवड़ में 11 पीतल के बड़े कलश होंगे, जिनमें कहलगांव स्थित उत्तरवाहिनी गंगा का 100 किलोग्राम पावन जल लबालब भरा रहेगा। कांवड़ में बाबा भोलेनाथ की कटआउट भी सुशोभित होगी। 11 सौ घुंघरू लगे रहेंगे। वहीं पूरी कांवड़ रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों और पुष्पगुच्छों से सजी होगी, जो शाम के धुंधलके में देखते ही बनती है। कच्चे बांस से निर्मित कांवड़ का कुल वजन करीब पांच क्विंटल रहता है। इसके अलावा शहर स्थित विषहरी स्थान के शिव भक्त भी 51 फीट के कांवड़ के साथ यात्रा करेंगे। अध्यक्ष राकेश कुमार पंडित, उपाध्यक्ष अनुपम कुमार, सुबोध कुमार, मुकेश कुमार, बिट्टू लहेरी, दीपक कुमार, शिवम ने बताया कि पिछले वर्ष 41 फीट था। इस वर्ष दस फीट की बढोत्तरी की गई है। यात्रा पड़ाव संघ के साथ ही होगी।वहीं शिवनारायणपुर के भक्त भी 31फीट कांवड़ के संग पड़ाव संघ के साथ चलेंगे।
31 फीट की कांवड़ से हुई थी शुरुआत :
इस अद्भुत 71 फीट कांवड़ को अपने कांधे पर लेकर पैदल करीब 115 किलोमीटर की यात्रा करते हुए कहलगांव से बाबा बासुकीनाथ के दरबार में गंगाजल अर्पित करने वाले कुल 21 शिव भक्त शुभम साह, विक्की यादव, रवि साह, ललन कुमार, कौशल, मयंक, बिट्टू, राहुल, चंदा यादव, मनीष यादव, अमित, विकास, रामप्रवेश, बिक्रम, बादल आदि बताते हैं कि इस यात्रा की शुरुआत छह वर्ष पूर्व 31 फीट की कांवड़ से हुई थी। उस वर्ष कुल 11 शिवभक्तों ने भाग लिया था। इसके बाद कांवड़ की लंबाई 10 फीट बढ़ाई जाती रही, जो इस वर्ष 71 फीट तक पहुंच चुकी है।
संपूर्ण व्यवस्था साथ लेकर चलते हैं :
शिवभक्तों ने बताया कि कांवड़ निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। कहलगांव और भागलपुर के कारीगर संयुक्त रूप से कांवड़ निर्माण में लगे हुए हैं। हम पूरी यात्रा के दौरान अपनी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अपने साथ लेकर चलते हैं। शिवभक्तों ने बताया कि यात्रा के दौरान वे अपनी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं स्वयं लेकर चलते हैं। कई वाहन साथ चलते हैं। आरती की सामग्री, चाय-नाश्ता और एक मेडिकल टीम भी साथ चलती है। पड़ाव संघ का हर मोड़ पर सहयोग मिलता है। हम सभी पड़ाव संघ को आर्थिक रूप से भी योगदान देते हैं। यात्रा मार्ग में यह भव्य कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती है। श्रद्धालु जगह-जगह कांवड़ देखने के लिए जुटते हैं। शिवभक्त पूरे रास्ते ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए और भजन-कीर्तन करते हुए एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव की ओर बढ़ते हैं। पड़ाव संघ के विश्राम स्थल या उसके आसपास ही इस टीम का भी पड़ाव होता है। बाबा के दरबार पहुंचकर हम सभी देश, प्रदेश, अपने समाज और घर – परिवार की समृद्धि, शांति, कुशलता की कामना करते हैं।



