नगर निकाय चुनाव में धांधली का आरोप, निष्पक्ष मतगणना नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि राज्य सरकार के तंत्र का दुरुपयोग कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में प्रशासन की मिलीभगत से बोगस मतदान कराया गया तथा विशेष समुदाय के मतदाताओं को बिना पहचान पत्र के वोट डालने की अनुमति दी गई। भाजपा ने पहले ही बैलेट पेपर से मतदान में धांधली की आशंका जताते हुए निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत दी थी। साहू ने कहा कि जिन बूथों पर फर्जी मतदान की शिकायत मिली है, वहां मतदान रद्द कर पुनर्मतदान कराया जाना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में औसतन लगभग 50 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो अंतिम आंकड़ों में बढ़ सकता है। उन्होंने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए निर्वाचन आयोग को भी धन्यवाद दिया, लेकिन आरोप लगाया कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बावजूद चुनाव कराना पड़ा। उनके अनुसार राज्य सरकार निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी और यह चुनाव भाजपा के आंदोलन व न्यायालय के दबाव का परिणाम है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि करीब 20 हजार से अधिक मतदान कर्मियों को मतदान से वंचित रखा गया तथा पोस्टल बैलेट की व्यवस्था नहीं की गई। साथ ही भाजपा समर्थित क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत कम करने और समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
साहू ने मेदिनीनगर, गढ़वा, गिरिडीह, जुगसलाई, साहेबगंज, जमशेदपुर और चक्रधरपुर समेत कई स्थानों पर धमकी, पैसे बांटने और मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि मतगणना निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं कराई गई तो भाजपा राज्यव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी।
प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद एवं मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे।

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