न्याय की चौखट पर समझौते की दस्तक , भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत, 21 बेंच पर हजारों मामलों के निपटारे की पहल
भागलपुर। आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से भागलपुर न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए कुल 21 बेंचों का गठन किया गया, जहां आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निपटारा कराया गया।
इसके साथ ही कहलगांव अनुमंडल न्यायालय में दो बेंच और नवगछिया व्यवहार न्यायालय में पांच बेंच भी गठित किए गए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को भी न्याय पाने में सहूलियत मिल सके। इन बेंचों पर पक्षकारों को बातचीत और समझौते के जरिए अपने विवादों का समाधान करने का अवसर दिया गया।
डालासा (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) की अधिकारी रंजीता कुमारी ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में आयोजित लोक अदालत में 3500 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक समाधान हुआ था, जिससे हजारों लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली थी। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में लाया गया है।
लोक अदालत के लिए पोस्ट लिटिगेशन के लगभग 5500 मामलों को चिन्हित किया गया है, जबकि प्री-लिटिगेशन के करीब 18 हजार मामलों की पहचान की गई है। इन सभी मामलों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर सुलझाने का प्रयास किया गया, ताकि पक्षकारों को अदालतों के लंबे और खर्चीले मुकदमेबाजी से राहत मिल सके।
चालान से जुड़े मामलों के लिए विशेष बेंच
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए भी अलग से विशेष बेंच की व्यवस्था की गई।
पिछले वर्ष लोक अदालत के माध्यम से चालान से जुड़े लगभग 240 मामलों का समाधान किया गया था। न्यायिक अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार इससे भी अधिक मामलों का निपटारा हो सकेगा।



