86 साल बाद सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक, राहुल गांधी समेत दिग्गज नेता जुटे
पटना,गणादेश : बिहार की राजनीति बुधवार को ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने जा रही है। राजधानी पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक आयोजित हो रही है। यह बैठक लगभग 86 साल बाद पटना में हो रही है, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं में खासा उत्साह है।
बैठक में कांग्रेस के शीर्ष नेता और रणनीतिकार शामिल हो रहे हैं। पार्टी सांसद राहुल गांधी सुबह ही पटना पहुंच गए और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से बैठक का महत्व और भी बढ़ गया है।
विधानसभा चुनाव पर फोकस
इस बैठक में खासकर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन होगा। पार्टी का मुख्य फोकस सीटों के बंटवारे और जीत सुनिश्चित करने वाली सीटों पर रणनीति बनाने पर रहेगा। संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
अति इच्छा आरक्षण पर विमर्श
बैठक का एक अन्य अहम एजेंडा ‘अति इच्छा आरक्षण’ का मुद्दा होगा। कांग्रेस इसे जनता के बीच बड़े सवाल के रूप में उठाना चाहती है। पार्टी का मानना है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की गारंटी उसके लिए हमेशा से मूल मुद्दा रहा है।
शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनेगा सदाकत आश्रम
सदाकत आश्रम, जो कांग्रेस का ऐतिहासिक केंद्र माना जाता है, आज एक बार फिर राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। हजारों कार्यकर्ता यहां जुटे हैं और पूरे पटना में कांग्रेस का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में कांग्रेस के सक्रिय होने का ऐलान भी है।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 1939 में सुभाष चंद्र बोस की अध्यक्षता में पटना में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी। उसके बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी बैठक यहां आयोजित हो रही है। यही कारण है कि कांग्रेस इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की कोशिश में है।
राजनीतिक पंडितों की नजर इस बात पर टिकी है कि इस बैठक से कांग्रेस को बिहार में कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा और आने वाले विधानसभा चुनाव में यह उसकी स्थिति को किस हद तक मजबूत कर पाएगी।



