आदिवासी संघर्ष मोर्चा और बेदिया विकास परिषद ने अरगड्डा स्थित काजू बागान के 577 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने से पूर्व रखी नौकरी और मुआवजे की मांग
गिद्दी। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और बेदिया विकास परिषद के प्रतिनिधियों ने सीसीएल द्वारा अरगड्डा स्थित काजू बागान के 577 एकड़ भूमि पर खुली खदान खोलने को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस अवसर पर बेदिया विकास परिषद के अध्यक्ष शंकर बेदिया, आदिवासी संघर्ष मोर्चा के संयोजक देवकीनंदन बेदिया ने कॉन्फ्रेंस में कहां कि सीसीएल द्वारा 20/ 2014 के 14 नवंबर 14 के तहत चपरी के 303 एकड़, हेसला के 110 एकड़, कंजगी के 103 एकड़, मनुवां के 34 एकड़ कुल 577 एकड़ जमीनों का अधिग्रहण होना हैं। जबकि जिला उपायुक्त के द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की गई। कोलयरी खुलने से पूर्व भूमि अधिग्रहण एवं समुचित मुआवजा भुगतान, नौकरी, राशि पूर्ण आवास की गारंटी होनी चाहिए। इससे पूर्व 30 मार्च को अरगड्डा क्षेत्र महाप्रबंधक को वार्तालाप के लिए आवेदन दिया गया। इसके लिए जल्द वार्तालाप होनी चाहिए। दूसरी ओर आदिवासियों की जमीन पर बाहरी और गैर आदिवासियों के द्वारा अंचलाअधिकारी एवं कर्मचारी भू-माफियाओं की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीनो की बंदोबस्ती कर घोटाला सामने आ रही हैं। इसे लेकर मांग किया कि प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन आदिवासियों की जमीन की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएं। अन्यथा बाध्य होकर संगठन आंदोलन तेज करने पर मजबूर होगा। इसकी जवाबदेही प्रबंधन और प्रशासन की होगी। इसके अलावे बाहरी नेतागिरी नहीं चलने, जमीन हमारी विस्थापन हमारा, पूर्ण अधिकार हमारा, प्रभावित आदिवासी ग्रामीण वासियों को रोड सेल, रेल सेल, ठिकेदारी काम रोजगार बढ़ाने, सरकारी प्रावधानों पर आदिवासियों को कोयला खदान खोलने पर समुचित मांगों को लागू करने, पूर्ण आवास देने, सीएसआर कमेटी की तरह आदिवासी समाज तक लाभ पहुंचाने आदि बातें रखीं। मौके पर भाकपा माले सचिव भुवनेश्वर बेदिया, लक्ष्मन वेदिया, कुलदीप बेदिया, धनेलाल बेदिया, रामवृक्ष बेदिया, बैजनाथ बेदिया, बंसी बेदिया, सुभाष, योगेंद्र, राहुल आदि उपस्थित थे।

