बिहार में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार लोकतंत्र पर हमला
पटना।देश में मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है।लेकिन दुर्भाग्य यह है कि बिहार में आये दिन पत्रकारों पर हमला तेज हो गया है।सरकार पत्रकारों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। राजधानी के नाक के नीचे पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार व झूठे मुकदमे में फसाया जाना आम बात हो गयी है । खनन माफियाओं , भू माफिया, बालू माफिया, शराब तस्करों के निशाने पर सिर्फ पत्रकार ही हैं। जहां नालंदा में पत्रकारों को जिंदा दफन करने का प्रयास हुआ। किसी तरह पत्रकार का जान बच पाया । बिहार प्रेस मेन्स यूनियन ( संबद्ध – आई एफ डबल्यू जे) पटना के प्रदेश अध्यक्ष,अनमोल कुमार ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि पत्रकारों पर हमले सहन नही किया जायेगा । अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर हैं। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार, झूठा मुकदमा आम बात हो गई है । पुलिस की रवैया भी पत्रकारों के प्रति संतोषजनक नही है। पुलिस चाहती है कि पत्रकार हमारी कमियों को उजागर न करें।जबकि पत्रकार जनता व सरकार के बीच संवाद की कड़ी है । बालू माफिया के इशारे पर रवि पर हमला हुआ है। पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे। और राज्य सरकार शीघ्र ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करे। उन्होंने पत्रकारों से भी आग्रह किया है कि आप निर्भीक और निष्पक्ष होकर आम आवाम का आवाज बनें।किसी से डरने की कोई जरूरत नही है । यूनियन आपके साथ मजबूती से खड़ा है । पत्रकारों का सुरक्षा सुनिश्चित करें सरकार । पत्रकार को खबर संग्रह से रोकना , डराना, धमकाना,दुर्व्यवहार, अब और बर्दास्त नही किया जायेगा ।स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिसकर्मी व अपराधियों के साठ गांठ की शिकायतें मिली है।पूर्ण साक्ष्य मिलने पर होगी वरीय अधिकारियों से शिकायत की जायेगी । खुसरूपुर थाना में पत्रकार निर्भय को नामजद अभियुक्त बनाया गया है । जिसको लेकर थानाध्यक्ष से एक प्रतिनिधिमंडल मिला और मामले की जानकारी ली है । पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग प्रदेश के प्रधान महासचिव, रविशंकर शर्मा प्रदेश महासचिव,राजकिशोर सिंह, प्रदेश सचिव,अवधेश शर्मा, संजय तिवारी,राजन मिश्रा आदि शामिल है ।

