एकता अखंडता का प्रतीक हजारीबाग के रामनवमी का 100 साल का है स्वर्णिम इतिहास : मनीष जायसवाल

हजारीबाग की रामनवमी इंटरनेशनल है और कोरोना के विध्वंसकारी स्वरूप ने जो स्थिति पैदा किया उससे पिछले 2 वर्षों से सरकार द्वारा जुलूस पर लगाए गए आरोप के कारण हजारीबाग में रामनवमी का ऐतिहासिक जुलूस नहीं निकला। लेकिन वर्तमान साल कोरोना का प्रभाव पूरी तरह कम हो चुका है बावजूद इसके झारखंड सरकार द्वारा धार्मिक जुलूसों पर रोक का आदेश जारी है। हजारीबाग समेत झारखंड के करोड़ों राम भक्तों की भावना से अवगत कराते हुए हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल ने गुरुवार को बजट सत्र के दौरान सदन पर पुरजोर तरीके से जुलूस पर लगाए गए रोक को हटाते हुए रामनवमी जुलूस निकालने का मार्ग प्रशस्त करने की आवाज बुलंद की और शुक्रवार को विधानसभा परिसर में सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर हजारीबाग सहित पूरे प्रदेश में रामनवमी के जुलूस निकालने की अनुमति सरकारी स्तर पर प्रदान करने की मांग की। विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है। हजारीबाग की रामनवमी सिर्फ धार्मिक आस्था का ही पर्व नहीं बल्कि या धार्मिक अवधारण के अतिरिक्त कला- संस्कृति, सौहार्द एवं भाईचारगी से असीम सरोकार है। विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि एकता अखंडता का प्रतीक हजारीबाग का रामनवमी का इतिहास 100 साल से अधिक का स्वर्णिम इतिहास है। विधायक मनीष जायसवाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया जिसमें लिखित रूप से उन्होंने धार्मिक जुलूस के आयोजन में लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग की है ताकि हिंदुओं की आस्था का महापर्व रामनवमी हजारीबाग के साथ पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास पूर्वक मनाई जा सके ।

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