मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी माता के श्राद्धकर्म के बाद नेमरा से सीधे पहुंचे कसमार ,विकास कार्यों का लिया जायदा
बोकारो :झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ओर उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन अचानक बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा से अपनी मां का श्राद्धकर्म पूरा कर सीधे निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा सड़क का जायजा लेते हुए कसमार पहुंचे।उनके अचानक पहुंचने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता देखी गयी।
कसमार पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन तीनकोनिया चौक स्थित एक दुकान में चाय-पकौड़ी का भी स्वाद लिए। दोनों करीब 10 मिनट तक दुकान पर रुके। इस दौरान उन्होंने पकौड़ी खायी और वहां मौजूद ग्रामीणों को भी पकौड़ी खिलायी। मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन को अपने बीच पाकर स्थानीय लोग उत्साहित नजर आये।ग्रामीणों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवायीं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका यह कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था। वे घूमने के उद्देश्य से कसमार आये थे। मुख्यमंत्री का यह सहज और अनौपचारिक अंदाज स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।कसमार से वापसी के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सेवाती घाटी भी पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया।सूचना मिलने पर बोकारो के डीसी अजय नाथ झा भी वहां पहुंचे।इस दौरान सेवाती घाटी के विकास को लेकर चर्चा हुई।प्राकृतिक खूबसूरती के लिए चर्चित सेवाती घाटी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है।मुख्यमंत्री के दौरे से इस मांग को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। हालांकि, घाटी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में सरकार की ओर से किसी आधिकारिक घोषणा की जानकारी नहीं मिली है।
सेवाती घाटी का पर्यटन विकास होने से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


