विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर
रांची : हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति, जैव विविधता, वन, जल, भूमि, वन्यजीव तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। यह दिन हमें यह संदेश देता है कि यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, अंधाधुंध वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और जैव विविधता का लगातार हो रहा ह्रास पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। ऐसे समय में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने वाला वैश्विक अभियान है।प्रकृति मानव जीवन का आधार है। शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि, औषधीय पौधे, वन्यजीव और खनिज संसाधन हमें प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। यदि इन प्राकृतिक संपदाओं का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया तो भविष्य में मानव जीवन अनेक संकटों का सामना करेगा। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और उनका सतत उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्रोत्साहित करना, जैव विविधता की रक्षा करना, जल एवं ऊर्जा की बचत के लिए प्रेरित करना तथा लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना है। साथ ही यह दिवस पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने,प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश भी देता है।विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की विशेषता यह है कि इस अवसर पर विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं एवं सरकारी संगठनों द्वारा वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण रैली, संगोष्ठी, स्वच्छता अभियान, तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण को अपनाए। जल की बचत, वृक्षारोपण, ऊर्जा का संयमित उपयोग, प्लास्टिक से परहेज तथा प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि प्रकृति केवल हमारी आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी अमूल्य धरोहर है। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान कर सकेंगे। यही इस दिवस का मूल संदेश और मानवता के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।


