भगवान जगन्नाथ लौटे मौसीबाड़ी से घर
खूंटी। भगवान जगन्नाथ महाप्रभु, भाई बलराम और बहन सुभद्रा नौवें दिन शुक्रवार को शाम मौसीबाड़ी से अपने घर रथ द्वारा वापस लौटे।इसे घुरती रथ भी कहते हैं। मान्यता के अनुसार आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ महाप्रभु अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर मौसीबाड़ी जाते हैं। नौवें दिन मौसीबाड़ी से भगवान जगन्नाथ महाप्रभु , भाई -बहन के साथ अपने घर लौटते हैं। खूंटी में रथयात्रा का आयोजन खूंटी के 94बटालियन सीआरपीएफ द्वारा किया जाता है । रथयात्रा 94बटालियन कार्यालय से शुरू हो मौसीबाड़ी दुर्गा मंदिर मिश्रा टोली जाती हैं। जहां भक्तों द्वारा हर्षोल्लास से विराजित किया जाता है। सुसज्जित घुरती रथ को मौसीबाड़ी से सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष भक्तों द्वारा खींच कर मुख्य मार्ग बाजार होते हुए 94बटालियन कैंप पहुंचा। रास्ते में खड़े भक्तों ने भगवान जगन्नाथ महाप्रभु के भाई -बहन सहित दर्शन कर पुष्प वर्षा कर रहे थे। प्रसाद का वितरण भी श्रद्धालुओं के बीच हो रहा था। भगवान के जयकारों से भक्तिमय वातावरण में मौजूद लोग झूम-झूम कर नृत्य कर रहे थे। भगवान जगन्नाथ रथयात्रा खूंटी में एक अपना अलग ही स्थान रखता है। भेदभाव-ऊंच-नीच,अमीर गरीब छोड़ लोग भक्ति में रम जाते हैं। रथयात्रा घर 94बटालियन कैंप पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु भाई बलराम और बहन सुभद्रा की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। सबने आरती किया। कैंप में महाप्रसाद भंडारा का भी आयोजन किया गया। सबने भावविभोर होकर प्रसाद ग्रहण किया। सबने भगवान से सबके लिए खुशहाली की कामना की। मां काली स्वराष्ट्र रक्षा दल के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार घोष, समाजसेवी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी, ध्रुवेन्द्र भास्कर, जितेन्द्र पांडे, तुलसी प्रजापति, बिरसा लोहरा, प्रदीप घोष, रोशन कुमार, सुनील साहू,समीर कश्यप,कुश कुमार,अमन राजपूत, किशोर ठाकुर,विष्णु देव चौधरी, राधेश्याम भगत,मनु साव, मिथिलेश ठाकुर आदि ने भगवान जगन्नाथ महाप्रभु भाई बलराम और बहन सुभद्रा से आशीर्वाद प्राप्त किया।


