आखिर भूमि विवाद के मामले में 37 साल बाद आया फैसला
हाजीपुर : हाजीपुर में भूमि विवाद के एक मामले में कोर्ट ने 37 साल बाद अपना फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजूला भारती ने लगभग 37 वर्ष पहले हुए भूमि विवाद में जानलेवा हमले के मामले में छह लोगों को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा एक को छह हजार शेष पांच को 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस संबंध में अपर लोक अभियोजक विनोद राम ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के रामभद्र मोहल्ला के नथुनी सिंह एवं नगीना पटेल के बीच भूमि विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर नगीना पटेल अपने परिवार के लोगों के साथ नथुनी सिंह के घर पर चढ़कर लाठी-डंडा, फरसा एवं पिस्तौल आदि से जानलेवा हमला कर कई लोगों को जख्मी कर दिया था। घटना को लेकर नथुनी सिंह ने नगर थाना में 30 जून 1985 को अपने पड़ोसी नगीना पटेल, अनिल पटेल, प्रभू पटेल, अंबिका सिंह, अखिलेश सिह, दारोगा पटेल, राजेंद्र पटेल तथा पटना जिला के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के नगौली गांव के गोपाल साव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में 18 सितंबर 1985 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया।

