03 अगस्त रविवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या अच्छा है ..
मेष राशि : परेशानियों के बारे में सोचते रहने और तिल का ताड़ करने की आपकी आदत आपके नैतिक ताने-बाने को कमज़ोर कर सकती है। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। ऐसे दोस्तों के पास जाएँ, जिन्हें आपकी ज़रूरत है। आप के दिल की धड़कनें आपके प्रिय के साथ कुछ ऐसे चलेंगी कि आज जीवन में प्यार का संगीत बज उठेगा। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। वैवाहिक जीवन में स्नेह को दिखलाने का अपना महत्व है और इस चीज़ का अनुभव आज आप करेंगे। किसी ऐसे शख़्स का फ़ोन आ सकता है जिससे आप बहुत लंबे समय से बात करना चाहते थे। बहुत-सी पुरानी यादें ताज़ा हो जाएंगी और आप समय में पीछे लौट जाएंगे।
🪶 उपाय :- तेल के पकौड़े कौवों को खिलाने से स्वास्थ्य बेहतर होगा।
वृषभ राशि :- अपने जीवन को चिर-स्थायी न मानें और जीवन के प्रति सजगता को अपनाएँ। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं। अपने पिता के साथ आज दोस्त की तरह आप बात कर सकते हैं। आपकी बातों को सुनकर उनको खुशी होगी।
🪶 उपाय :- अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेने के लिए अपने घर का मध्य स्थान (ब्रह्म स्थान) साफ रखें।
मिथुन राशि :- आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। बिना किसी की मदद के भी आप धन कमा पाने में सक्षम हो सकते हैं बस आपको खुद पर विश्वास करने की जरुरत है। आपमें से कुछ गहने या घरेलू सामान ख़रीद सकते हैं। प्यार-मोहब्बत की नज़रिए से बेहतरीन दिन है। प्यार का मज़ा चखते रहें। आज के दिन शुरू किया गया निर्माण का कार्य संतोषजनक रूप से पूरा होगा। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक ख़ूबसूरत बदलाव से गुज़रेगा। आप कुछ समय अपने व्यक्तित्व को निखारने में लगा सकते हैं, क्योंकि आकर्षक व्यक्तित्व का आत्म-निर्माण में अहम योगदान होता है।
🪶 उपाय :- अपने इष्टदेव को पीले पुष्प चढ़ाएं, इससे आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
कर्क राशि :- गर्भवती महिलाओं को चलते-फिरते समय ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है। अगर संभव हो तो ऐसे लोगों से दूर रहें जो धूम्रपान करते हैं, क्योंकि इससे पैदा होने वाले शिशु को नुक़सान हो सकता है। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। आज के दिन बिना कुछ ख़ास किए आप आसानी से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में क़ामयाब रहेंगे। निजी मसले नियन्त्रण में रहेंगे। अपने घर में बिखरी चीजों को संभालने का आज आप प्लान करेंगे लेकिन आपको इसके लिए आज खाली समय नहीं मिल पाएगा। कुछ लोग सोचते हैं कि वैवाहिक जीवन ज़्यादातर झगड़ों और सेक्स के इर्द-गिर्द ही घूमता है, लेकिन आज आपके सब कुछ शान्त रहने वाला है। आज आप ऑफिस के कामों को इतनी तेजी से निपटाएंगे कि आपके सहकर्मी आपको देखते ही रह जाएंगे।
🪶 उपाय :- ‘मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं।’
सिंह राशि:- आपकी इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं पर डर का साया पड़ सकता है। इसका सामना करने के लिए आपको उपयुक्त सलाह की ज़रूरत है। व्यापारियों को आज व्यापार में घाटा हो सकता है और अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए आपको पैसा खर्च करना पड़ सकता है। प्रभावशाली और महत्वपूर्ण लोगों से परिचय बढ़ाने के लिए सामाजिक गतिविधियाँ अच्छा मौक़ा साबित होंगी। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी आज आप अपने लिए समय निकालपाने में सक्षम होंगे। खाली वक्त में आज कुछ रचनात्मक कर सकते हैं। आपको या आपके जीवनसाथी को बिस्तर में चोट लग सकती है। इसलिए एक-दूसरे का ख़याल रखें। विचारों से ही मनुष्य की दुनिया बनती है – कोई बेहतरीन किताब पढ़कर आप अपनी विचारधारा को और सशक्त कर सकते हैं।
🪶 उपाय :- हनुमान चालीसा का पाठ करने से हेल्थ बेहतर होगी।
कन्या राशि :- भरे-पूरे और संतुष्ट जीवन के लिए अपनी मानसिक दृढ़ता में वृद्धि कीजिए। आर्थिक तौर पर बेहतरी के चलते आपके लिए ज़रूरी चीज़ें ख़रीदना आसान होगा। अगर आप अपने साथी के नज़रिए को नज़रअंदाज़ करेंगे, तो वह अपना आपा खो सकता/सकती है। आप साथ में कहीं घूमने-फिरने जाकर अपने प्रेम-जीवन में नयी ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। जीवन का आनंद लेने के लिए आपको अपने दोस्तों को भी समय देना चाहिए। अगर आप समाज से कटकर रहेंगे तो आवश्यकता पड़ने पर आपके साथ भी कोई नहीं होगा। आप अपने जीवनसाथी के प्यार की मदद से ज़िन्दगी की मुश्किलों का आसानी से सामना कर सकते हैं। ग़ज़ब का दिन है – फ़िल्म, पार्टी और दोस्तों के साथ घूमना-फिरना मुमकिन है।
🪶 उपाय :- पारिवारिक जीवन में खुशहाली के लिए पुरुष मस्तक पर लाल टीके का व गृहणियाँ लाल सिंदूर का प्रयोग करें।
तुला राशि : – आज आपके पास ख़ुद के लिए पर्याप्त समय होगा, तो मौक़े का फ़ायदा उठाएँ और अच्छी सेहत के लिए पैदल सैर पर जाएँ। आज के दिन निवेश करने से बचना चाहिए। अपना क़ीमती वक़्त अपने बच्चों के साथ गुज़ारें। यह सबसे बेहतर मरहम है। वे कभी न ख़त्म होने वाली ख़ुशियों का स्रोत साबित होंगे। आप प्रेम की आग में धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार जलते रहेंगे। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। हँसी-मजा़क के बीच आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई पुराना मुद्दा उभर सकता है, जो फिर वाद-विवाद का रूप भी ले सकता है। किसी करीबी और पुराने मित्र से मिलकर आज आप अतीत के सुनहरे दिनों में खो सकते हैं।
🪶 उपाय :- मीठे चावल बनाकर गरीबों में बाँटने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
वृश्चिक राशि: – आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। धन की आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है इसलिए आज जितना हो अपने पैसे की बचत करने का विचार बनाएं। कोई आपको नुक़सान पहुँचाने की कोशिश कर सकता है। कई मज़बूत ताक़तें आपके ख़िलाफ़ काम कर रही हैं। आपको ऐसे क़दम उठाने से बचना चाहिए, जिसके चलते उनका और आपका आमना-सामना हो। अगर आप हिसाब बराबर करना चाहें, तो ऐसा सलीके से ही किया जाना चाहिए। जब आप अपने प्रिय के साथ बाहर जाएँ तो अपने पहनावे और बरताव में नयापन रखें। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। आप एक बेहतरीन जीवनसाथी होने की ख़ुशक़िस्मती को शिद्दत से महसूस कर पाएंगे। पिता या बड़ा भाई आज आपकी किसी गलती पर आपको डांट सकता है। उनकी बातों को समझने की कोशिश करें।
🪶 उपाय :- चाँदी के टुकड़े पर शुक्र का यंत्र खुदवाकर पूजा करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा।
धनु राशि: – हर इंसान को ग़ौर से सुनें, हो सकता है आपको अपनी समस्या का समाधान मिल जाए। दीर्घावधि निवेश से बचिए और अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर कुछ ख़ुशी के पल बिताएँ। घर पर आपके बच्चे आपके सामने किसी समस्या को तिल का ताड़ बनाकर पेश करेंगे- कोई भी क़दम उठाने से पहले तथ्यों की भली-भांति पड़ताल कर लें। प्रेम-संबंध में ग़ुलाम की तरह व्यवहार न करें। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। किसी के प्रभाव में आकर आपका जीवनसाथी आपसे झगड़ सकता है, लेकिन प्यार और सद्भाव से मामला सुलझ जाएगा। आज आपका व्यक्तित्व लोगों को निराश कर सकता है इसलिए आपको अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव करने की जरुरत है।
🪶 उपाय :- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः इस मंत्र को 11 बार उच्चारण सुबह-शाम करने से पारिवारिक जीवन रहेगा।
मकर राशि : – शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। जिन लोगों ने किसी रिश्तेदार से पैसा उधार लिया था उनको आज वो उधार किसी भी हालत में वापस करना पड़ सकता है। आज के दिन बिना कुछ ख़ास किए आप आसानी से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में क़ामयाब रहेंगे। प्यार की ताक़त आपको प्यार करने की वजह देती है। आपके द्वारा आज खाली समय में ऐसे काम किये जाएंगे जिनके बारे में आप अक्सर सोचा करते हैं लेकिन उन कामों को कर पाने में समर्थ नहीं हो पाते। जो यह समझते हैं कि शादी सिर्फ़ सेक्स के लिए होती है, वे ग़लत हैं। क्योंकि आज आपको सच्चे प्यार का एहसास होगा। आज आप किसी मुश्किल में पड़ सकते हैं और आपको समझ आ सकता है कि अच्छे दोस्तों का जीवन में होना बहुत जरुरी है।
🪶 उपाय :- झल्लाहट दूर करने के लिए आदित्य हृदय स्रोत के पाठ से बेहतर और क्या हो सकता है।
कुम्भ राशि: – दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। जीवन की गाड़ी को अच्छे से चलाना चाहते हैं तो आज आपको पैसे की आवाजाही पर विशेष ध्यान देना होगा। जीवनसाथी और बच्चों से अतिरिक्त स्नेह और सहयोग मिलेगा। प्यार के सकारात्मक संकेत आपको मिलेंगे। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। कहते हैं कि स्त्रियाँ शुक्र और परुष मंगल ग्रह के रहने वाले हैं, लेकिन आज के दिन विवाहित शुक्र और मंगल एक-दूसरे में घुल जाएंगे। कोई फिल्म या नाटक देखकर आज आपका मन पहाड़ों में जाने का कर सकता है।
🪶 उपाय :- राहु दान, त्याग, बलिदान, नरमी, विनय का ग्रह है। अतः अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए दूसरे के नुकसान की कीमत पर अपना फायदा, गाला काटू प्रतियोगिता से बचना, दान व सहायता करने से फायदा होगा।
मीन राशि :- क्षणिक ग़ुस्सा विवाद और दुर्भावना की वजह बन सकता है। कुछ ख़रीदने से पहले उन चीज़ों का इस्तेमाल करें, जो पहले से आपके पास हैं। अपने परिवार के सदस्यों की भावनाओं को आहत करने से बचने के लिए अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखिए। जो अपने प्रिय के साथ छुट्टियाँ बिता रहे हैं, ये उनकी ज़िन्दगी के सबसे यादगार लम्हों में से होंगे। आज आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है। दिल की बातों को जुबां पर लाना भी जरुरी है इससे प्यार में गहराई आती है।
उपाय :- सोने की अंगूठी में मंगल यंत्र खुदवाकर धारण करना स्वास्थ्य के लिए शुभ है।
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞
🌤 दिनांक – 03 अगस्त 2025
🌤 दिन – रविवार
🌤 विक्रम संवत 2082
🌤 शक संवत -1947
🌤 अयन – दक्षिणायन
🌤 ऋतु – वर्षा ॠतु
🌤 मास – श्रावण
🌤 पक्ष – शुक्ल
🌤 तिथि – नवमी सुबह 09:42 तक तत्पश्चात दशमी
🌤 नक्षत्र – विशाखा सुबह 06:35 तक तत्पश्चात अनुराधा
🌤 योग – शुक्ल सुबह 06:24 तक तत्पश्चात ब्रह्म
🌤 राहुकाल – शाम 05:39 से शाम 07:16 तक
🌤 सूर्योदय – 05:34
🌤 सूर्यास्त – 06:15
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
🚩 *व्रत पर्व विवरण –
💥 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
👉🏻 कब करे पुत्रदा एकादशी का व्रत 4 या 5 अगस्त को | पुत्रदा एकादशी व्रत कथा⤵
🌷 शिव के द्वादश बारह ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्त्व
🙏 १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा
🙏 भगवान शिव की भक्ति का महिना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्फल व सफल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है।
🙏 ऐसी मान्यता भी है कि सावन के महिने में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि सावन के महिने में भारत के प्रमुख १२ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा-:
🙏 १] सोमनाथ : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चन्द्र देव ने की थी। विदेशी आक्रमणों के कारण यह 17 बार नष्ट हो चुका है। हर बार यह बिगड़ता और बनता रहा है।
🙏 २] मल्लिकार्जुन : यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के कैलाश पर्वत के समान कहा गया है। अनेक धार्मिक शास्त्र इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व की व्याख्या करते हैं।
🙏 कहते हैं कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जहां पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस पर्वत पर आकर शिव का पूजन करने से व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होते हैं।
🙏 ३] महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता है कि ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। उज्जैनवासी मानते हैं कि भगवान महाकालेश्वर ही उनके राजा हैं और वे ही उज्जैन की रक्षा कर रहे हैं।
🙏 ४] ओंकारेश्वर : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है। ॐ शब्द की उत्पति ब्रह्मा के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ॐ के साथ ही किया जाता है। यह ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात ॐ का आकार लिए हुए है, इस कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।
🙏 ५] केदारनाथ : केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी मिलता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जिस प्रकार कैलाश का महत्व है उसी प्रकार का महत्व शिव जी ने केदार क्षेत्र को भी दिया है।
🙏 ६] भीमाशंकर : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।
🙏 ७] काशी विश्वनाथ: विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान पर स्थित है। काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है। इसलिए सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है। इस स्थान की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेंगे और प्रलय के टल जाने पर काशी को उसके स्थान पर पुन: रख देंगे।
🙏 ८] त्र्यंबकेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। भगवान शिव का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में रहना पड़ा।
🙏 ९] वैद्यनाथ : श्री वैद्यनाथ शिवलिंग का समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य (पूर्व में बिहार ) के देवघर जिला में पड़ता है।
🙏 १०] नागेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के बाहरी क्षेत्र में द्वारिका स्थान में स्थित है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। द्वारका पुरी से भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी १७ मील की है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा में कहा गया है कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां दर्शन के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
🙏 ११] रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।
🙏 १२] घृष्णेश्वर मन्दिर : घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। इसे घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप स्थित हैं। यहीं पर श्री एकनाथजी गुरु व श्री जनार्दन महाराज की समाधि भी है।



