04 सितम्बर सोमवार का राशिफल एवम पंचांग,देखिए आज आपकी राशि में क्या अच्छा है..
मेष:आपका आज का दिन सामान्य रहेगा , थौड़ी दौड़ धूप रह सकती है । अपनी बारी का इंजतार करें। समय की महत्ता को समझे। संतान के लिए समय दें क्योंकि उनके सहयोग से कार्य पूरे होंगे। नए लोगों से संपर्क बनेगा, जो भविष्य में लाभदायक रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें व आराम के लिए समय निकालें।
वृष:किसी के बहकाने से अपने संबंध तोडऩे से बचें। पैर में दर्द रह सकता है । समाज में नाम होगा। जो लोग दूसरे के लिए मांगते है, उन्हें कभी अपने लिए नहीं मांगना पड़ता है। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। खुद के लिए समय निकालें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मिथुन:आज आपका दिन सामान्य रहेगा । मान – सम्मान बढेगा । जिन लोगों का सहयोग आप ने किया था, आज वे ही आप से मुंह फेर रहे हैं। तबीयत सही नहीं है तो बीमारी में दवाई असर कम करेगी। बेहतर होगा अपना डॉक्टर बदलें या किसी योग्य व्यक्ति से सलाह लें। नए भवन में जाने के योग हैं। धर्म में रूचि बढ़ेगी।
कर्क:आज का आपका दिन अनुकूल रहेगा। अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है। कार्यस्थल पर योजना लाभप्रद रहेगी। पड़ोसियों की मदद करनी पड़ सकती है। क्रोध की अधिकता से परिजन नाखुश होंगे। शेयर बाजार में निवेश से लाभ होगा।दूसरों से मिलकर खुशी होगी ।कार्य सिद्ध होंगे।
सिंह:आपका दिन सामान्य रहेगा । हर किसी पर आखें बंद करके विश्वास न करें । समय रहते जरूरी कार्य पूरे करें। निजी जीवन में दूसरों को प्रवेश न दें। पिता के व्यवहार का सम्मान करें । जीवनशैली में परिवर्तन के योग हैं। पुरानी दुश्मनी के चलते विवाद से बचें। आध्यात्मिक ज्ञान में रूचि बनाएँ।
कन्या:आपका दिन सामान्य रहेगा ।सोचे कार्य समय पर होने से मन प्रसन्न रहेगा। अपने वाक् चातुर्य से सभी काम आसानी से करवा लेंगे। कार्यस्थल पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेंगे। प्रेम-प्रसंग के चलते मन उदास रहेगा। भगवान पर भरोसा रखें।
तुला:आज का दिन बेहतरीन रहेगा। आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। जीवनशैली में आय परिवर्तन से खुश होंगे। आजीविका के नए स्रोत स्थापित होंगे। पारिवारिक सौहार्द बना रहेगा। मांगलिक समारोह में सक्रिय भूमिका रहेगी। बड़ो का आशीर्वाद प्राप्त करें। धर्म के प्रति रुचि बढ़ेगी।
वृश्चिक:आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा। अपने हिसाब से जिंदगी जिना पसंद रहेंगे। जो लोग आप के कार्यों की सराहना करते थे, वे आपका विरोध करेंगे। भवन भूमि के विवादों का अंत होगा। पिता के व्यवसाय में रुचि कम रहेगी। खुद के लिए समय अवश्य निकालें।
धनु:आज समय की महत्ता को समझे और समय रहते अपने कार्य पूर्ण करें। पारिवारिक लोगों का सहयोग न मिलने से कार्य प्रभावित होंगे। घर में वास्तु अनुरूप परिवर्तन करें, तो पारिवारिक तनाव खत्म होगा। फैक्ट्री में प्रवेश द्वार पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगायें, चमत्कारिक लाभ होगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।
मकर:आज का दिन सामान्य रहेगा । व्ययस्ता के कारण सेहत को न भूलें। अपने जीवनसाथी से नम्रता से बात करें और आपकी दोनों की वार्तालाप में स्नेह झलके न कि बनावटी बातें करें। वाणी में मधुर रहें। यात्रा के योग हैं। पक्षियों का दाना पानी डालें। धर्म में रूचि बढेगी स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
कुंभ:आज आपका दिन व्यस्त रहेगा । सेहत को नजरअंदाज न करें। आनावाश्यक किसी को परेशान करना अच्छी बात नहीं है। मेहमानों की खातिरदारी करना पड़ेगी। अपने संपर्कों से रुके कार्य पूरे होंगे। बहनों आदि के विवाह की चिंता रहेगी। गाय को हरा चारा डालें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मीन:आपका समय बेहतरीन होगा इसलिए समय का सदुपयोग करें । जल्दबाजी में किये फैसलों से भारी नुकसान हो सकता है। परिवार में आप की बातों को सुना जायेगा। धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता होगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। परीक्षा परिणाम अनुकूल होगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।
🌞ll ~ वैदिक पंचांग ~ ll🌞
🌤️ दिनांक – 04 सितम्बर 2023
🌤️ दिन – सोमवार
🌤️ विक्रम संवत – 2080
🌤️ शक संवत -1945
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – भाद्रपद
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – पंचमी शाम 04:41 तक तत्पश्चात षष्ठी
🌤️ नक्षत्र – अश्विनी सुबह 09:26 तक तत्पश्चात भरणी
🌤️ योग – ध्रुव रात्रि 12:59 तक तत्पश्चात व्याघात
🌤️ राहुकाल – सुबह 07:57 से सुबह 09:30 तक
🌞 सूर्योदय-05:21
🌤️ सूर्यास्त- 06:15
👉 दिशाशूल- पूर्व दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – नाग पंचमी (राजस्थान की परम्परा के अनुसार)
💥 *विशेष- *पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष जानकारी⤵️
🌷 जन्माष्टमी 🌷
🙏🏻 ज्योतिष के अनुसार, अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ये उपाय करने से मनोकामना की पूर्ति व धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं।
➡ ये हैं जन्माष्टमी के अचूक 12 उपाय, 1 भी करेंगे तो होगा फायदा
1⃣ आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो जन्माष्टमी पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई बांटें।
2⃣ जन्माष्टमी से शुरु कर 27 दिन लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती है।
3⃣ यदि पैसे की समस्या चल रही हो तो जन्माष्टमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधाकृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पित करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।
4⃣ सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर से गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्ति होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।
5⃣ लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहे। जब पौधे फल देने लगे तो इसका दान करें, स्वयं न खाएं।
6⃣ जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली (कुमकुम) से श्री यंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।
7⃣ जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।इसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं।
8⃣ जन्माष्टमी पर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की हर इच्छा पूरी हो सकती है।
9⃣ कृष्ण मंदिर जाकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र की 11 माला जप करें। इस उपाय से आपकी हर समस्या का समाधान हो सकताहै।
मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदय नमो नम:
🔟 भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। जन्माष्टमी पर पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं।
1⃣1⃣ जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें तो जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनाते हैं।
1⃣2⃣ जन्माष्टमी को शाम के समय तुलसी को गाय के घी का दीपक लगाएं और ॐ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें।
🌷 कृष्ण नाम के उच्चारण का फल 🌷
🙏🏻 ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार
नाम्नां सहस्रं दिव्यानां त्रिरावृत्त्या चयत्फलम् ।।
एकावृत्त्या तु कृष्णस्य तत्फलं लभते नरः । कृष्णनाम्नः परं नाम न भूतं न भविष्यति ।।
सर्वेभ्यश्च परं नाम कृष्णेति वैदिका विदुः । कृष्ण कृष्णोति हे गोपि यस्तं स्मरति नित्यशः ।।
जलं भित्त्वा यथा पद्मं नरकादुद्धरेच्च सः । कृष्णेति मङ्गलं नाम यस्य वाचि प्रवर्तते ।।
भस्मीभवन्ति सद्यस्तु महापातककोटयः । अश्वमेधसहस्रेभ्यः फलं कृष्णजपस्य च ।।
वरं तेभ्यः पुनर्जन्म नातो भक्तपुनर्भवः । सर्वेषामपि यज्ञानां लक्षाणि च व्रतानि च ।।
तीर्थस्नानानि सर्वाणि तपांस्यनशनानि च । वेदपाठसहस्राणि प्रादक्षिण्यं भुवः शतम् ।।
कृष्णनामजपस्यास्य कलां नार्हन्ति षोडशीम् । (ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, अध्यायः-१११)
🙏🏻 विष्णुजी के सहस्र दिव्य नामों की तीन आवृत्ति करने से जो फल प्राप्त होता है; वह फल ‘कृष्ण’ नाम की एक आवृत्ति से ही मनुष्य को सुलभ हो जाता है। वैदिकों का कथन है कि ‘कृष्ण’ नाम से बढ़कर दूसरा नाम न हुआ है, न होगा। ‘कृष्ण’ नाम सभी नामों से परे है। हे गोपी! जो मनुष्य ‘कृष्ण-कृष्ण’ यों कहते हुए नित्य उनका स्मरण करता है; उसका उसी प्रकार नरक से उद्धार हो जाता है, जैसे कमल जल का भेदन करके ऊपर निकल आता है। ‘कृष्ण’ ऐसा मंगल नाम जिसकी वाणी में वर्तमान रहता है, उसके करोड़ों महापातक तुरंत ही भस्म हो जाते हैं। ‘कृष्ण’ नाम-जप का फल सहस्रों अश्वमेघ-यज्ञों के फल से भी श्रेष्ठ है; क्योंकि उनसे पुनर्जन्म की प्राप्ति होती है; परंतु नाम-जप से भक्त आवागमन से मुक्त हो जाता है। समस्त यज्ञ, लाखों व्रत तीर्थस्नान, सभी प्रकार के तप, उपवास, सहस्रों वेदपाठ, सैकड़ों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा- ये सभी इस ‘कृष्णनाम’- जप की सोलहवीं कला की समानता नहीं कर सकते
🌷 ब्रह्माण्डपुराण, मध्यम भाग, अध्याय 36 में कहा गया है :
महस्रनाम्नां पुण्यानां त्रिरावृत्त्या तु यत्फलम् ।
एकावृत्त्या तु कृष्णस्य नामैकं तत्प्रयच्छति ॥१९॥
🙏🏻 विष्णु के तीन हजार पवित्र नाम (विष्णुसहस्त्रनाम) जप के द्वारा प्राप्त परिणाम ( पुण्य ), केवलएक बार कृष्ण के पवित्र नाम जप के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है ।

