आरटीई कानून में संशोधन को निरस्त कर निजी विद्यालयों को राहत देने की पासवा अध्यक्ष ने की वकालत
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आशा और उम्मीद है कि जैक बोर्ड की तरह सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के ग्रामीण इलाकों एवं शहरी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे छोटे स्कूलों के बच्चों को भी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे मंगलवार को मोरहाबादी स्थित संत गेब्रियल एण्ड मोनिका स्कूल के 14 वें स्थापना दिवस सह टॉपर अवार्ड कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर अपने उद्गार प्रकट कर रहे थे।
पासवा अध्यक्ष ने कहा 2019 में आरटीआई कानून में संशोधन करके पूर्वर्ती रघुवर सरकार ने निजी विद्यालयों के ऊपर कड़ा प्रहार किया तो दूसरी तरफ 5 हजार से अधिक विद्यालयों को बंद किया था। यह किसी से छुपी हुई नहीं है और शिक्षा को नेस्तनाबूद करने की दिशा में हर संभव कोशिश की थी।राज्य के लगभग छोटे बड़े 47 हजार निजी विद्यालयों के संगठन पासवा की ओर से हम एक बार फिर मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि बिना देर किए हुए आरटीई कानून में किए गए संशोधन को निरस्त करते हुए निजी विद्यालयों को राहत देने का काम करें, ताकि झारखंड भी देश में लागू एक नीति,एक कानून के साथ आगे बढ़ सके। पासवा अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया है कि निजी विद्यालयों के प्रति दुराग्रह का भाव ना रखें।
आलोक दूबे ने स्कूल के बच्चों की प्रतिभाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सातवीं एवं आठवीं के बच्चों का इंग्लिश में संबोधन अद्भुत है,यहां के बच्चों की हर ऐक्टिविटी काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा विद्यालय की प्राचार्या डॉ सुषमा केरकेट्टा एक महान शिक्षाविद हैं,जिन्हें कई बड़े-बड़े ऑफर मिलते रहे, आज भी कोई ऐसा शिक्षा का मंच नहीं है जहां ये आमंत्रित नहीं होती हैं, लेकिन इन्होंने गरीब बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई है जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ सुषमा केरकेट्टा ने कहा अपने माता पिता की प्रेरणा से उन्होंने इस विद्यालय की नींव रखी थी और आज उन्हें इस बात का गर्व है कि 14 वर्षों के सफर में विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में कई मुकाम हासिल की है और यहां से पढ़कर निकलने वाले बच्चे अच्छे-अच्छे संस्थानों में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा हम अपने बच्चों को शैक्षणिक योग्यता के साथ साथ पेंटिंग,निबंधन,कला, सांस्कृतिक,नृत्य एवं सामाजिकता की भी शिक्षा जी जाती है। उन्होंने अपने प्रतिभाशाली शिक्षकों की बेहतरीन टीम की भी प्रशंसा की।
स्थापना दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों ने रिमिक्स, स्वागत गाण कव्वाली एवं अन्य कई मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आलोक दूबे,विशिष्ट अतिथि मुम्बई केन्द्रीय विद्यालय की शिक्षिका शांति केरकेट्टा एवं मेंहुल दूबे ने स्कूल के केजी से लेकर दसवीं तक के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले टॉपर को सम्मानित किया एवं उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया।
इसके पूर्व विधालय पहुंचने पर पासवा प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे का स्कूल प्रबंधन द्वारा तिलक लगाकर एवं बुके देकर झारखण्ड की संस्कृति के मातहत सरना गमछा भेंटकर स्वागत किया गया।एवं प्रतीक चिन्ह मोमेंटो भी दिया गया।

