भूकंप से दहला तुर्की और सीरिया, 1700 जिंदगियां खमोश, हजारों घायल
नई दिल्ली : तुर्की और सीरिया सोमवार आज सुबह करीब चार बजे ही भूकंप के झटकों से दहल उठा। अब तक 1700 लोगों की मौत हो गई है जबकि 5000 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। भूकंप में 2818 इमारतें जमींदोज हो गईं है। मलबे के भीतर से 2470 लोगों को बचाया गया है। अभी भी हजारों लोग मलबे में फंसे हुए हैं। बड़े पैमाने पर बचाव एवं राहत अभियान जारी है। मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है। दोनों ही देशों में 6 बार भूकंप के तेज झटकों ने हिलाया।
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार तड़के आए भूकंप के लगभग 12 घंटे बाद शाम को तुर्की में भूकंप के एक और झटके से लोग दहल गए। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने भूकंप के मद्देनजर आपात बैठक की, जिसमें पीड़ितों के लिए हरसंभव मदद की पेशकश की है।
भूकंप का केंद्र गजियांटेप इलाके में था, जो सीरिया सीमा से सिर्फ 90 किलोमीटर दूर है। सीरिया में भी भूकंप का काफी असर रहा। सीरिया के कई शहरों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
दोनों ही देशों में गगनचुंबी इमारतें भूकंप के झटकों से हिलने लगी। कई अस्पताल भी इसमें जमींदोज हो गए। प्रशासन का बड़े पैमाने पर प्रभावित कई शहरों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
पीएम मोदी ने की बैठक, भारत भेजेगा राहत
पीएम मोदी के निर्देश पर तुर्की को तत्काल सहायता देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव पीके मिश्रा ने अहम बैठक बुलाई। जिसमे तय हुआ है कि सर्च और रेस्क्यू अभियान के लिए NDRF और मेडिकल टीम तुर्की भेजी जाएंगी। साथ में राहत सामग्री भी जल्द से जल्द टुर्की के लिए रवाना की जाएगी। इनमें NDRF की दो टीमों में 100 जवान होंगे। इनमें डॉग स्क्वायड भी शामिल हैं। इसके अलावा ये टीमें जरूरी उपकरण भी अपने साथ ले जाएंगी। मेडिकल टीम में डॉक्टर और अन्य स्टाफ और जरूरी दवाएं होंगी।

