झारखंड में सरकारी स्कूलों के बच्चे ठनका से कैसे बचेंगे, नियम बना दिया तड़ित चालक लगाने के लिए होना चाहिए 3 मंजिला भवन
सरकारी स्कूलों में 3 मंजिला भवन नहीं के बराबर है
रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे ठनका से कैसे बचेंगे यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है सरकार चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही है इसके पीछे वजह यह है कि खुद सरकार ने यह नियम बना दिया की तीन मंजिला भवन में ही तड़ित चालक लगाया जा सकता है जबकि झारखंड में जितने भी सरकारी स्कूल हैं उनमें तीन मंजिला भवन नहीं के बराबर है अब सरकार को यह नियम बदलने की जरूरत पड़ गई है बताते चलें कि झारखंड में ठनका से राज्य गठन से लेकर अब तक 2200 सौ लोगों की मौत हो चुकी है कई बार तो स्कूलों में बिजली गिरी है जिसमें कई बच्चे झुलस भी गए हैं। फिलहाल झारखंड में बारिश हो रही है. प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश के बीच वज्रपात भी हो रहा है, जिससे आए दिन लोगों की मौत और जानमाल की क्षति की खबर भी सामने आ रही है. गत दिनों प्रदेश में वज्रपात से 15 से ज्यादा लोगों की मौतें हुई. वहीं दर्जनभर लोग इससे घायल हो गए. जैनामोड़ में दो स्कूलों पर हुए वज्रपात में 50 से ज्यादा बच्चे झुलस गये थे. वर्ष 2008-09 में रांची के नामकुम प्रखंड के रामपुर में एक विद्यालय में बिजली गिरने के कारण दो बच्चों की मौत हो गयी थी. यही वजह है कि झारखंड में तीन मंजिला भवन वाले स्कूल नहीं के बराबर हैं. ऐसे में स्कूल भवनों पर तड़ित चालक लगाने की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

