भीषण गर्मी में भी खराब पड़े हैं चापाकल, घट रहा जलस्तर
शम्भु प्रसाद अभय
गोपालगंज:एक तरफ जहां आम जनमानस भीषण गर्मी की मार झेल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ जिले में अधिकांश चापाकल खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए भारी परेशानी हो रही है।
कुछ दिनों पूर्व पीएचइडी ने गर्मी की शुरुआत होने से पहले ही साधारण मरम्मती के चलते बंद सभी चापाकल को दुरुस्त करने की योजना बना कर उस पर काम शुरू करने की बात की। दो माह पहले जिले के सभी पंचायतों व नगर पंचायतों में सर्वे कराया गया तो 1083 चापाकल साधारण मरम्मत के कारण बंद पाये गये थे. विभाग ने मरम्मत कर फिर से बंद पड़े सभी चापाकल को चालू करने का काम शुरू कर दिया है. विभागीय अधिकारियों की मानें तो 1083 चापाकलों में 37 चालू होने की स्थिति में नहीं हैं, जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गयी है. बाकी बचे 1046 चापाकलों में से 772 को मरम्मत कर चालू भी करा दिया गया है. अन्य खराब पड़े चापाकलों को भी जल्द ही दुरुस्त करा लिया जायेगा. खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने को लेकर विभाग ने जेइ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था. उल्लेखनीय है कि जिले में अब गर्मी ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तापमान रोज एक नया रिकॉर्ड बना रहा है. पानी का लेवल भी धीरे-धीरे घटना शुरू हो गया है. ऐसे में अगर चापाकल को समय रहते दुरुस्त नहीं कराया गया, तो पीने के पानी का संकट से इन्कार नहीं किया जा सकता है.आज हथुआ रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी जल संकट है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सर्वे के दौरान कई खराब पड़े चापाकलों का लोकेशन विभाग को नहीं मिल सका है. लोग अपने आसपास के ऐसे सरकारी चापाकल जो खराब पड़े हैं। उनकी सूचना विभाग के स्थानीय कार्यालय को दे सकते हैं.
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला गंडक नदी के बेसिन में बसा है. पिछले बार जिले में बरसात भी सामान्य से ज्यादा हुई है. इस कारण यहां पानी का लेवल बहुत ही धीमी गति से कम हो रहा है.
पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता, शिवशंकर दयाल ने बताया कि आपके आसपास अगर चापाकल खराब है, तो इसकी सूचना विभाग को दें. अगर आपको लगता है कि पानी में कोई खराबी है, तो इसकी जानकारी दें. जांच करा कर इसकी जानकारी विभाग को भेजी जायेगी.

