बिहार में 8 व झारखंड में 5 समेत देश भर में 157 नए नर्सिंग कॉलेज खुलेंगे

नई दिल्ली : नर्सों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का फैसला हुआ है। ये सभी कॉलेज कालेज नए खोले गए मेडिकल कालेजों के साथ खोले जाएंगे। साथ ही कैबिनेट ने मेडिकल डिवाइस के आयात पर निर्भरता खत्म करने के लिए सरकार ने नेशनल मेडिकल डिवाइस पालिसी को मंजूरी दे दी है।बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इन नर्सिंग कालेजों को खोलने का ऐलान किया था।
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, नए नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई होगी। फिलहाल देश में अभी बीएससी नर्सिंग की कुल सीटें 1,18,000 हैं। उन्होंने कहा कि एक नर्सिंग कॉलेज खोलने पर 10 करोड़ का खर्च आएगा और दो साल के भीतर 1570 करोड़ की लागत से सभी नर्सिंग कॉलेज खोल दिए जाएंगे। नए नर्सिंग कालेजों के खुलने से इनके राज्यवार वितरण में मौजूदा असमानता को भी दूर करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभी नर्सिंग कॉलेजों में 40 प्रतिशत आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में सीमित हैं। 13 राज्यों में तो एक भी नर्सिंग कॉलेजों नहीं है।
मांडविया ने बताया कि अभी सरकारी नर्सिंग कॉलेज बिहार में केवल दो, झारखंड में एक और उत्तरप्रदेश में 10 हैं। उन्होंने कहा कि देश में स्वास्थ्य ढांचे के विकास के साथ ही नर्सों की मांग तेजी से बढ़ी रही है और साथ ही विदेश में भी उनकी भारी मांग है। नर्सिंग की नई सीटों के बढ़ने से इसे पूरा करने में मदद मिलेगी।
सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि मोदी सरकार देश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को तेजी से बढ़ाने का काम किया है। जिसके तहत एमएमबीएस और पीजी की सीटें दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई हैं।
नेशनल मेडिकल डिवाइस के लिए नई पालिसी
मांडविया ने कहा कि मेडिकल डिवाइस के उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई पालिसी को तैयार किया गया है और इसमें तेजी से विकसित होते इस सेक्टर के सभी आयामों का ख्याल रखा गया है।उन्होंने कहा कि पालिसी का मकसद मेडिकल डिवाइस सेक्टर में ब्रांड इंडिया को स्थापित करना है। अभी हम देश की जरूरत का 75 प्रतिशत मेडिकल डिवाइस को आयात करते हैं।
भारत में यह सेक्टर अभी 90 हजार करोड़ रुपये का है, जो आने वाले 25 सालों में 4.5 लाख करोड़ का हो जाएगा। मांडविया के अनुसार, मेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। इनमें पीएलआइ स्कीम से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात और आंध्रप्रदेश में चार मेडिकल डिवाइस पार्क खोलना शामिल है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पालिसी के तैयार हो जाने के बाद इस सेक्टर को समग्र रूप से विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस के ग्लोबल मार्केट में फिलहाल भारत की ह्सि्सेदारी 1.5% है, इस पालिसी का उद्देश्य 2047 तक इसे 12 फीसद तक पहुंचाना है।
नक्सली हमलों में शहीद जवानों व बादल को श्रद्धांजलि
कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में मारे गए जवानों और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *