एससी-एसटी की तर्ज पर जाति जनगणना में ओबीसी,उपजाति कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए : हरिनाथ साहू
रांची। लोकहित अधिकार पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने प्रदेश के विभिन्न संगठनों द्वारा जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर आहूत 5 अक्टूबर के मशाल जुलूस एवं 6 अक्टूबर को रांची, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा और गुमला जिले में प्रस्तावित बंदी को पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।ज्ञात हो कि दो दिन पूर्व ओबीसी वर्ग केंद्रीय समिति के अध्यक्ष उदासन नाग ने उक्त मांगों को लेकर लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू से सम्पर्क कर आंदोलन एवं बंदी के समर्थन का आग्रह किया था।श्री साहू ने जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं जोड़े जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार एवं केंद्रीय चुनाव आयोग, नई दिल्ली को पत्र के माध्यम से एससी-एसटी की तर्ज पर ओबीसी एवं उपजातियों के लिए अलग कॉलम जोड़ने तथा अविलंब परिसीमन लागू करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकार, संरक्षण एवं आरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15(4), 15(5), 16(4), 340 एवं 338B का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रावधानों के माध्यम से सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा और उनके विकास का मार्ग प्रशस्त किया गया है।उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 15(4) और 15(5) राज्य को सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के विकास के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष प्रावधान करने की अनुमति देते हैं। वहीं, अनुच्छेद 16(4) सरकारी सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाले पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान करता है।
इसी प्रकार, अनुच्छेद 340 सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच एवं उनके उत्थान के लिए आयोग गठित करने का प्रावधान करता है, जबकि अनुच्छेद 338B राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है।
हरिनाथ साहू ने कहा कि जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम के साथ सभी उपजातियों की गणना किए जाने से देश में विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक जनसंख्या का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा। इससे सरकार को शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, सामाजिक न्याय एवं राजनीतिक भागीदारी से संबंधित नीतियां बनाने में वास्तविक जनसंख्या के आधार पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जाति जनगणना में ओबीसी एवं उपजातियों का स्पष्ट आंकड़ा दर्ज किया जाना आवश्यक है। लोकहित अधिकार पार्टी इस मांग को लेकर होने वाले लोकतांत्रिक आंदोलन का पूर्ण समर्थन करती है।


