जब गुड़िया को वेदांता अस्पताल ने किया निराश तो आलम अस्पताल ने दिलाई आस,आयुष्मान योजना के तहत हुआ दिल का सफल ऑपरेशन
रांची: भारत सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले लोगों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना चलाया है।
इस योजना के तहत गंभीर और जटिल रोगों का इलाज बहुत ही कम खर्च में हो जाता है। लेकिन इस योजना का लाभ अब भी कई गरीब लोगों को नहीं मिल पा रहा है। आयुष्मान होने के बावजूद बहुत सारे निजी अस्पताल मान्यता नहीं देते हैं।
इसी तरह का मामला मधुपुर जिले की 29 वर्षीय गुड़िया देवी के साथ हुआ है। गुड़िया को दिल की जटिल बीमारी थी जिसे ऑपरेशन से ही ठीक हो सकता था। गुड़िया पहले वेदांता अस्पताल गई। वहां पर आयुष्मान योजना के तहत उसको अटेंड नहीं किया गया। उसके बाद निराश होकर गुड़िया बरियातू स्थित आलम अस्पताल पहुंची। आलम अस्पताल ने गुड़िया को एडमिट किया और उसका दिल का सफल ऑपरेशन किया। आलम अस्पताल के वरीय डॉक्टर प्रताप मुखर्जी ने बताया की गुड़िया देवी की दोनों वाल्व बदले गए हैं। यह जन्मजात बीमारी है। यह बहुत ही रेयर होता है। मरीज अपने भाई के साथ अस्पताल आया और जांच में पता चला की गुड़िया को दिल की बीमारी है। ऑपरेशन के बाद मरीज का हार्टब्लॉक न हो इसके लिए मरीज को डबल चैंबर पेसमेकर लगाया। इस ऑपरेशन में मरीज की जान भी जा सकती है।लेकिन हमारी टीम ने इसका सफल ऑपरेशन किया और गुड़िया अब खतरे से बाहर है।
एक से अधिक हॉस्पिटल द्वारा माना किए जाने के बाद इस हाइब्रिड एवम जटिल हार्ट सर्जरी को कार्डिएक साइंस डिपार्टमेंट ने क्रिटिकल केयर टीम, सीसीयू टीम,ब्लड बैंक,आयुष्मान भारत,क्लिनिकल एवम नॉन क्लिनिकल टीम से सहयोग सफलतापूर्वक किया गया।
डॉ प्रताप और डॉ मुखर्जी एवं डॉ रितेश कुमार के अलावा डॉ मोदी, अनूप झा, डॉ अहमद, डॉ हसन ने योगदान दिया। डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह का केस झारखंड में पहला था।
प्रख्यात सर्जन डॉक्टर मजीद आलम ने सानिध्य में अस्पताल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में डिपार्टमेंट ऑफ कार्डिएक सर्जरी की जा रही है। कार्डिएक सर्जन डॉक्टर प्रताप मुखर्जी द्वारा यहां सभी तरह के एडल्ट एवं पीडियाट्रिक हार्ट सर्जरी बायपास सर्जरी सर्जरी, कंबाइंड बायपास एवं वाल्व सर्जरी सर्जरी, दिल की सुराग की सर्जरी, एएसडीएस, डीपीडीएस, बीडीजी एवं फॉन्टन प्रोसीजर्स की जा रही है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रितेश कुमार की अगुवाई में यहां एंजियोग्राफी एनजीओप्लास्टिक, पेसमेकर इंप्लांटेशन सहित हृदय रोग से जुड़े सभी रोगों का इलाज किया जाता है।

