खुद देख नहीं पातीं, मोमबत्ती बनाकर दूसरों की जिंदगी कर रही रोशन
पटना: बिहार के खादी मॉल पटना में मॉल के अंदर आते ही आपको कुछ छात्राएँ दिखेंगी। वो छात्राएँ आपको नहीं देख सकती।आपकी और हमारी तरह वह रंग नहीं देख सकती पर दूसरों की ज़िंदगी में रंग भरने की कला ईश्वर ने उन्हें भरपूर दी है।आंखों की रोशनी न होने के बावजूद अंतर ज्योति बालिका विद्यालय की छात्राएँ दूसरों के जीवन में रौशनी फैला रही हैं।
पटना के खादी मॉल में लगे स्टॉल पर यह दृष्टिहीन छात्राएँ रंग-बिरंगे मोमबत्ती बना कर बिहारवासियों की दिवाली रौशन कर रहीं हैं।
इनके हुनर से तराशें हुए मोमबत्तियों को आगे बढ़ाने के लिए बिहार खादी मॉल द्वारा छोटी सी पहल की गई है।
इन नेत्रहीन छात्राओं द्वारा बनाई हुई मोमबत्तियों को बिक्री के लिए मॉल में एक स्टॉल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है।अलग-अलग रंग और आकार में निर्मित इन मोमबत्तियों को लोग काफ़ी पसंद कर रहें है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि इन छात्राओं के अंदर के हुनर को देखकर यही प्रतीत होता है कि कला के लिए नज़र नहीं बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति चाहिए।
जिस तरह ये छात्राएँ हमारे दिवाली को रौशन करने के लिए दिये बना रहीं है वहीं इनके द्वारा निर्मित मोमबत्ती को ख़रीद कर हम इनकी दिवाली रौशन कर सकते है।महंगे-महंगे दिये और मोमबत्तियाँ की तुलना इन छात्राओं द्वारा बनायें हुए दिये बहुत ही सस्ते क़ीमत पर मॉल में उपलब्ध कराए गए हैं।
अंतर ज्योति बालिका विद्यालय की हॉस्टल सुपरिडेंटनट रेणु कुमारी बताती है कि हमारी छात्राएँ दृष्टि बाधित होते हुए भी मोमबत्ती और दीया बना रही हैं।छात्राओं का प्रयास रहता है कि महापर्व पर उनके हाथों से बनी मोमबत्तियां लोगों के घर में उजाला लाये।
विद्यालय परिसर में पढ़ाई के बाद छात्राओं को हर रोज़ 2 घंटे अपनी रुचि और अपने अंदर की कला को निखारने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
सुपरिडेंटनट रेणु ने लोगों से अपील की कि बच्चों की मोमबत्तियों को जरूर खरीदें। ये छात्राएँ अपने हुनर के माध्यम से उम्मीदों का उजाला फैला रही हैं।भले ही इन छात्राओं की आंखों में ज्योति न हो, पर दीपावली के मौके पर ये छात्राएँ दूसरों की जिन्दगी में रोशनी भरने के लिए परिश्रम कर रही हैं।
वह सालों से इन छात्राओं से जुड़ी हुई है और इनके अंदर के हुनर को देखकर उन्हें बहुत गर्व महसूस होता है।पिछले 2 सालों से ये छात्राएँ लोगों के त्योहार में उजाला फैलाने के लिए मोमबत्तियाँ बना रही हैं और इस बार खादी मॉल के सहयोग से उनके द्वारा निर्मित मोमबत्तियाँ लोगों तक पहुँचने में सफल है।

