शिक्षक डॉ मतीउर रहमान पर हुए कातिलाना हमला के विरुद्ध शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश
रांची : मतीउर रहमान पर कैम्पस के भीतर हुए हमले को लेकर शनिवार को राँची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय शिक्षकों ने जबरदस्त आक्रोश प्रदर्शन किया। डोरण्डा महाविद्यालय शिक्षक संघ के तत्वावधान में एक दिवसीय धरना सह आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया। जिसमें आर यू के कई महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय विभागों के प्राध्यापक शामिल हुए।
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र डोरंडा कॉलेज रहा। डोरंडा कॉलेज शिक्षक संघ की अध्यक्षा डॉ रजनी टोप्पो के आह्वान पर शहर के लगभग डेढ़ सौ शिक्षकों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन एवं आक्रोशपूर्ण भाषण में मुख्यतः डॉ राजकुमार, डॉ रजनी टोप्पो, डॉ मंजू मिंज, डॉ कंजीव लोचन, डॉ अमित प्रणय डेमटा, डॉ ब्रजेश,डॉ नीलिमा जायसवाल, डॉ मलय भारती, डॉ जेबा, डॉ असलम, डॉ शिल्पी सिंह, कंचन मुंडा, डॉ अशोक सिंह, डॉ सविता मिश्रा, डॉ सीमा प्रसाद, डॉ एस के झा, आदि सम्मिलित रहे।
राजीव लोचन ने कहा कि 5 सितंबर के शिक्षक दिवस मनाने के चंद ही घण्टो के बाद शिक्षक पर हमला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अपना कर्तव्य करते हुए भाई मतीउर रहमान पर हुआ यह हमला, किसी एक शिक्षक पर नहीं बल्कि पूरी शिक्षा जगत पर है। समाज के स्तर पर हमें इन घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिये सचेत रहना होगा। शिक्षा के मंदिरों को हर हाल में बचाना होगा।
धरना स्थल पर आये कॉलेज के प्राचार्य डा बी पी सिन्हा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन शिक्षकों के साथ है, कॉलेज कैम्पस की सुरक्षा के चाक चौबंद उपाय किये जा रहे हैं।
डॉ राजकुमार ने कहा कि डोरंडा कॉलेज की इस लड़ाई को पूरे राज्य स्तर पर विस्तार दिया जाएगा।
धरना प्रदर्शन और आक्रोश रैली का संचालन डॉ ब्रजेश कुमार ने किया।
धरना स्थल पर कार्यक्रम के बाद डोरंडा कॉलेज शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन तैयार किया।
लोग अल्बर्ट एक्का की मूर्ति को नमन करते हुए विवि मुख्यालय पहुँचे, कुलपति महोदय को एक ज्ञापन दिया। शिक्षकों ने यह संकल्प लिया है कि कैम्पस में सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं हुआ तो प्रतिरोध प्रदर्शन एक सप्ताह तक जारी रहेगा।
आज के आक्रोश पूर्ण कार्यक्रम के सफलता के बाद जब तक मांगें पूरी नही होती है तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

