कांग्रेस के कई मंत्री और विधायक दिल्ली दरबार में,मंत्रिमंडल में फेरबदल की प्रबल संभावना…
रांचीः प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को बदले जाने की मांग भी जारी है। वैसे भी कई विधायक लंबे समय से उनकी शिकायत करते आए हैं। ताजा तर्क यह है कि यदि इन मंत्रियों को नहीं बदला गया तो पार्टी को लोकसभा चुनावों में सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व को इससे अवगत करा दिया है। कांग्रेस कोटे के 4 मंत्रियों में से 3 के खिलाफ मंत्री के रूप में कमजोर प्रदर्शन का आरोप है तो वहीं स्वास्थ्य मंत्री कथित अश्लील वीडियो लीक मामले में जांच के दायरे में हैं। बादल पत्रलेख के पास कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्रालय है। बन्ना गुप्ता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं। रामेश्वर उरांव के पास वित्त एवं खाद्य आपूर्ति विभाग है वहीं आलमगीर आलम ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 4 में से कम से कम 3 मंत्री मंत्रिमंडल में फेरबदल का शिकार हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई विधायकों ने अपनी पैरवी की है। हाल के दिनों में बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद, महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह, झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह और कई अन्य विधायकों ने मुलाकात की है। मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ-साथ झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी में भी बदलाव की चर्चा हो रही है। दरअसल, हालिया दिनों में झारखंड कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और विधायकों ने दिल्ली जाकर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात की है। इसे झारखंड में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से पहले अपनी-अपनी संभावनाएं तलाशने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा था। गौरतलब है कि बीते 6 अप्रैल को झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का निधन हो गया। मुख्यमंत्री झामुमो कोटे से उनकी जगह किसी को मंत्री बना सकते हैं। ऐसे कयासों के बीच कांग्रेस कोटे से बने मंत्रियों को भी बदले जाने की बात कही जा रही है। बता दें कि हेमंत सोरेन झारखंड में झामुमो-कांग्रेस और राजद गठबंधन का नेतृत्व करते हैं।

