मॉनसून सत्र में दिखेगा 10 का दम या चौंकाएगा 16 का आंकड़ा, अस्त व्यस्त के मकड़जाल में फंसी झारखंड की राजनीति
रांचीः झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र काफी अहम माना जा रहा है। सत्ता के गलियारों में इसकी चर्चा भी उफान मार रही है। इस सत्र में दस का दम दिखने की संभावना जताई जा रही है। वहीं 16 का आंकड़ा भी चौंकाने का दंभ भर रहा है। झामुमो ने दावा किया कि विपक्षी दल बीजेपी के 16 विधायक उनके दल के संपर्क में हैं। उन सभी ने झामुमो में आने की इच्छा व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने बीजेपी से झामुमो में शिफ्ट करने के नियमानुसार तरीके पर भी विचार करने को कहा है। इस वजह से 29 जुलाई से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र इस लिए अहम माना जा रहा है कि अगर प्रथम अनुपूरक बजट पर वोटिंग हुई और सत्ता पक्ष बिखरा तो नतीजा चौंकाने वाला भी हो सकता है। इसकी वजह यह है कि राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग ने राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। निर्दलीय विधायक भी सरकार से खफा नजर आ रहे हैं। बहरहाल सत्ता पक्ष के एकजुटता के दावे सदन के अंदर दिखेगा या नहीं यह तो समय ही बताएगा। वहीं विपक्ष ईडी की कार्रवाई को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरेगी। इसके अलावा कई ऐसे मुद्दे हैं जिस पर विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरेगी। महिला दारोगा की हत्या का मामला भी सदन में विपक्ष उठा सकता है। चर्चा यह भी हो रही है कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक बीजेपी का दामन भी थाम सकते हैं, लेकिन अब तक खुल कर किसी ने कुछ भी नहीं कहा है। महाराष्ट्र के तर्ज पर झारखंड में भी सरकार बनाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। कहा यह भी जा रहा है कि कांग्रेस के बागी विधायक हेमंत सरकार में शामिल अपनी पार्टी कोटे के मंत्रियों से नाराज हैं। उनका आरोप है कि उनके ही मंत्री उनकी समस्याएं नहीं सुन रहे हैं। उनका काम नहीं कर रहे हैं। क्षेत्र में जनता को जवाब देते नहीं बन रहा है। यह विधायक लगातार मंत्रियों को बदलने की मांग करते आ रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक हेमंत सोरेन सरकार से इतने नाराज हैं कि उन्होंने समर्थन वापसी तक की चेतावनी दे दी है। उनका आरोप है कि सरकार में चारों तरफ लूट मची हुई है। सदन में उनका भी तेवर इसबार अलग दिखेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा इस समय कई विवादों में घिरे हु्ए हैं। हाल ही में पंकज मिश्रा को मनी लांड्रिंग के आरोप में ईडी गिरफ्तार कर चुकी है। झारखंड हाईकोर्ट और चुनाव आयोग में खुद हेमंत सोरेन का लीज आवंटन मामला चल रहा है। उनकी सदस्यता रद करने की मांग भाजपा कर चुकी है। दरअसल 81 विधायकों वाली झारखण्ड विधानसभा में झामुमो के 30 और बीजेपी के 26 विधायक हैं। किसी भी सरकार को चलाने के लिए 41 विधायकों का समर्थन होना चाहिए। फिलहाल झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार को कांग्रेस के 18 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

