राज्य के मूलवासी-आदिवासी को उनका हक-अधिकार देने का कार्य कर रही राज्य सरकार : सीएम
चतरा:जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खतियानी जोहार यात्रा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि
झारखंड वीर-शहीदों की धरती रही है। अलग राज्य प्राप्त करने में अनेकों लोगों ने अपना सर्वस्व दिया है। झारखंड के जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए यहां के मूलवासी तथा आदिवासी समुदाय के वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, इनका मुख्य उद्देश्य यहां के मूलवासी तथा आदिवासी समुदाय को उनका हक तथा अधिकार देना था। बहुत लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2000 में झारखंड राज्य अलग हुआ, परंतु 20 वर्ष के बाद भी आज हमारा राज्य विकास के पैमानों में पिछड़ा क्यों रह गया है? आखिर कमी कहां रह गई? हमारी सरकार इस चिंतन के साथ राज्य को प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर दिशा देने का कार्य निरंतर कर रही है। हमारी सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं लागू की है।पशुधन योजना से भी राज्य सरकार किसानों को लाभ पहुंचा रही है। किसानों की आय में वृद्धि हो इस निमित्त कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में अनेकों योजनाएं बनाई है। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के लोगों को लाभ मिल रहा है। हमारी बच्चियों की पढ़ाई पूरी हो सके इसके लिए राज्य में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरुआत की गई है। उच्चतर शिक्षा के लिए हमारी सरकार ऋण दे रही है जिसका लाभ उठाकर आप अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं।राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों से राज्य की जनता में खुशी है। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, पारा शिक्षक एवं सरकारी कर्मचारियों को हमारी सरकार ने उनका हक और अधिकार देने का काम किया है। राज्य की जनता ने सरकार के फैसलों का जोरदार स्वागत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत पदाधिकारी गांव-गांव, पंचायत-पंचायत जाकर शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पहले लोगों को प्रखंड कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था जबकि आज सरकार खुद आम लोगों के द्वार तक पहुंची है।
इस अवसर पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, चतरा उपायुक्त अबू इमरान, पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष गुप्ता, एवं अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

