अगर मगर किंतु परंतु के बीच, दस दिन का समय और
रांचीः झारखंड में सियायत का बैलेंस गड़बड़ाया हुआ है। एक तरफ काभी बोझ के कारण बैलेंस नियंत्रित नहीं हो पा रहा। अगर मगर , किंतु परंतु में ही गाड़ी खींची जा रही है। एक-एक दिन बमुश्किल के कट रहे हैं। बस चर्चा चल रही है कि अगर ऐसा हुआ तो ये होगा। किंतु परंतु में मामला अटक गया है। लेकिन होगा तो कुछ जरूर ही। हम बात कर रहे हैं चुनाव आयोग द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गए नोटिस। 10 मई तक सीएम को खदान लीज मामले में जवाब देना था। लेकिन इसकी मियाद भी पूरी हो गई। अब चुनाव आयोग से एक महीने का समय जवाब देने के लिए मांगा गया है। लेकिन इस बीच जानकारी के अनुसार सीएम हेमंत सोरेन को चुनाव आयोग ने 10 दिन का समय दिया है। मतलब 20 मई तक सीएम को जवाब देना होगा. बताते चलें कि सीएम हेमंत सोरेन ने निर्वाचन आयोग को भेजे गए जवाब में उन्होंने अपनी मां की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए जिक्र किया है कि वे लगातार उपचार के सिलसिले में हैदराबाद में थे। इस वजह से भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा भेजी गई नोटिस का अध्ययन नहीं कर पाए हैं। पारिवारिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने के कारण उनको अध्ययन के लिए वक्त नहीं मिल पाया है। इसके लिए एक माह का समय निर्वाचन आयोग से मांगा है ताकि वे नोटिस का अध्ययन कर कानूनी विशेषज्ञों से मंतव्य लें सकें। जानकारी के मुताबिक निर्वाचन आयोग को विशेष प्रतिनिधि के जरिए जवाब भेजा गया है। अब सबकी नजरें निर्वाच आयोग पर टिकी हुई हैं।

