सम्मेद शिखर क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में मौन रैली का आयोजन
खूंटी: जैनियों के सुप्रसिद्ध पारस नाथ स्थित सम्मेद शिखर क्षेत्र को राज्य सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित करने पर मर्माहत देश भर के जैन समुदाय के श्रध्दालूओं ने पारस नाथ सम्मेद शिखर को पर्यटन नहीं बल्कि तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग की है । जैनियों का मानना है की जैन समाज के 24 में से 2 2 तीर्थंकरों ने पारस नाथ के सम्मेद शिखर पर ही महा निर्वाण प्राप्त किया है । इस लिए भी यह क्षेत्र विशेषकर जैनियों के लिए पवित्र तीर्थ क्षेत्र ही रहा है और आगे भी रहेगा । .बहरहाल , इसी संदर्भ में आज सबेरे खूंटी में सकल जैन समाज खूंटी जिला के श्रध्दालू महिला – पुरुष तथा बच्चों ने कर्रा रोड स्थित जैन मंदिर से मौन रैली निकाल कर अपनी भावना से सरकार को अवगत कराया । मौन रैली में तत्संबंधित श्लोगन अंकित तख्तियां थामे जैन समाज के श्रद्धालओं ने मुख्य पथ होकर कचहरी क्षेत्र तक पदयात्रा की । अंततः अनुमंडल कार्यालय पहुंच कर अनुमंडलाधिकारी को अपनी भावना व मांग को सरकार तक प्रेषित करने हेतू ज्ञापन समर्पित किया । इसके साथ ही मौन रैली को विराम दिया गया । .सकल जैन समाज के श्रध्दालू जनों का मानना है की पारसनाथ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने से उस पवित्र क्षेत्र में मांस – मदिरा तक की खरीद – बिक्री होने लगेगी – जिससे उक्त क्षेत्र की पवित्रता नष्ट हो जायेगी , जिस पर बाद में सरकार चाहकर भी रोक नहीं लगा पाएगी । अतः तीर्थंकरों के महानिर्वाण वाले सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र नहीं , बल्कि पवित्र तीर्थ क्षेत्र ही घोषित कर सकल जैन समाज की पवित्र भावना को सरकार मान्यता देने का शुभ कार्य करे ।

