शहीद निर्मल विचार गोष्ठी का आयोजन
रांची: राज्यसभा सांसद -सह- प्रदेश जेडीयू अध्यक्ष खीरू महतो के दिल्ली स्थित आवासीय कार्यालय में शुक्रवार को आदिवासी कुडमी समाज के द्वारा शहीद निर्मल विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत शाहिद निर्मल महतो के चित्र पर माल्यर्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। बैठक में अध्यक्ष- सह – मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद खीरु महतो ने शहीद निर्मल महतो की शहादत को याद करते हुए कि अपने विचार साझा किया। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि चाहे हम या आप कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाएं पर अपनी परंपरा , संस्कृति , भाषा और रीति-रिवाजों से जुड़े रहना ही हमारी पहचान है। भाषाई अस्मिता की लड़ाई आज विश्व के सारे आदिवासी समाज के बीच चल रही है। एक तरफ पश्चिमी बाजार अपने उपभोक्ता बढाने के लिए सारे आदि संस्कृति को लील जाना चाहता है। ऐसे में अपनी भाषा, पहचान को बचाये रखना, पुरखों की विरासत को बचाए रखने के समान है। हमने अपनी भाषा खोया तो पहचान खो बैठेंगे। और, जिनका इतिहास नहीं होता,उनका भविष्य भी नहीं होता।
अफ्रीकी उबुन्टू आदिवासी समाज से हमें उनका दर्शन , ” मैं हूँ क्योंकि हम हैं” कभी नहीं भूलना चाहिए ,क्योंकि हम कुड़मी आदिवासी समाज व्यक्तिगत जीवन नहीं ,बल्कि सामूहिक जीवन में यकीन करते हैं। मंच ने यह निर्णय लिया कि हम आने वाले समय में अपने आदिवासी कुड़मी समाज के सारे परब त्योहार को , खान – पान को दिल्ली हाट या ऐसे ही सांस्कृतिक मंच पर ले जाएंगे ,ताकि राज्य के बाहर भी अन्य राज्य के लोग हमारी लोक संस्कृति को समझ सकें और हम अपने झारखण्ड से दिल्ली में आये बंधुओ के बीच रोजगार के अवसर भी तलाश सकें।
ये विचार गोष्ठी भविष्य के रोड मैप तय करने में सफल रही।

