सरहुल पूजा को लेकर किया गया आवश्यक बैठक
ओरमांझी: शनिवार को मायापुर सरना स्थल में आदिवासी सरना 22 पड़हा समिति सदमा ओरमांझी – कांके क्षेत्र के अध्यक्ष बाबूलाल महली के अध्यक्षता में प्राकृतिक महापर्व सरहुल पूजा 2024 के लेकर आवश्यक बैठक रखी गई। 22 पड़हा के संरक्षक रमेश चंद्र उरांव ने सरहुल पूजा के विषय पर अपना विचार देते हुए कहा कि सरहुल पूजा से पहले सखुवा पेड़ का नया पता, जिरूल फूल, पुटकल साग, कटहल, बड़हर फूल, का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही साथ 22 पड़हा के तमाम पदाधिकारी सदस्य लोग उपस्थित होकर बारी बारी से सरहुल महापर्व पर प्रकाश डालते हुए अपनी बातों को रखें।सभी 22 पड़हा के अंतर्गत आने वाले गांवों में बैठक की जाएगी। और 17 मार्च को धरोहर मुड़हर पहाड़ सूतियांबे में “मुड़ हर पहाड़ बचाव महारैली”में 22 पड़हा के हर गांव से सामिल होने की बात रखी व सभी एक साथ 10: 30 बजे कुम्हरीया चौंक में उपस्थित होकर सभी एक साथ 22 पड़हा के बैनर तले से पिठौरिया मुड़हर पहाड़ चलना है।
2024 प्राकृतिक महापर्व सरहुल पूजा
दिनांक – 10/04/2024 बुधवार को उपवास
दिनांक – 11/04/2024 गुरुवार को पूजा
दिनांक -12/04/2024 शुक्रवार को मायापुर सरना स्थल में जुलूस यात्रा
बैठक में उपस्थित – रमेश उरांव (सचिव), धनेश्वर मुंडा ( कोषाध्यक्ष), ललिता मुंडा (उपाध्यक्ष), सुनील मुंडा ( मीडिया प्रभारी), कुलदीप उरांव, सूरज उरांव, संजय मुंडा, राजेंद्र मुंडा, प्रदीप मुंडा, मनसा उरांव, रवि मुंडा, लोकन मुंडा, भगत उरांव, जेठू मुंडा, दिनेश उरांव, सुकरा उरांव, रंजित पाहन, रामकुमार तिर्की, संजय लिंडा, अमित पाहन, तेतरा पाहन, बिनोद मुंडा अन्य शामिल रहा।

