दिव्यांग जनों को सशक्त करना दिव्य कला मेला का उद्देश्य: नवीन शाह
-हरमू मैदान में18वें दिव्य कला मेला 29 अगस्त से,राज्यपाल करेंगे उद्घाटन
रांची: राजधानी रांची के हरमू मैदान में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के द्वारा 18वें दिव्य कला मेला 29 अगस्त से प्रारंभ होगा। मेला 8सितंबर तक चलेगा।
मेला की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। बुधवार को सोशल जस्टिस मंत्रालय भारत सरकार के सीएमडी नवीन शाह ने प्रेसवार्ता कर मेला की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के द्वारा दिव्य कला मेला का आयोजन रांची में होना है। पूरे भारत वर्ष में हम लोगों ने इस तरह के मेला का आयोजन किया है और रांची में 18वें दिव्य कला मेला का आयोजन करने जा रहे हैं।29 अगस्त से यह मेला प्रारंभ होगा और 8सितंबर तक चलेगा। मेला का उद्घाटन राज्यपाल संतोष गंगवार,केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार संयुक्त रूप से करेंगे। मेला में स्थानीय सांसद और विधायक भी उपस्थित होंगे।
उन्होंने कहा कि मेला का उद्देश्य दिव्यांग जनों के सशक्तिकरण को और मजबूत करना है। दिव्यांग जो अपने घर में कला कृति बनाते हैं या जो भी बाजार के लिए निर्माण करते हैं उसको एक मार्केटिंग प्लेटफार्म दिया जाता है। वह मार्केटिंग प्लेटफार्म नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर भी हमलोग देते हैं।
उन्होंने कहा कि अबतक जो भी दिव्य कला मेला का आयोजन हुआ है उसने तकरीबन 11करोड़ रुपए की मार्केटिंग हुई है। यह आमदनी हमारे दिव्यांग भाई बहनों को हुआ है। इसके अलावा दिव्यांग जनों को साधारण ब्याज पर निगम लोन देती है। इस मेला में झारखंड के 15 दिव्यांग जनों को लोन दिया जायेगा। इसके अलावा एल्को कंपनी जो ट्राई साइकिल,हॉकी स्टिक सहित कई सामग्री दिव्यांग जनों के लिए बनाती है। वह भी कल प्रतीकात्मक रूप से कुछ दिव्यांग जनों के बीच फ्री में बांटा जाएगा। तीन अगस्त को मेला परिसर में जॉब मेला का भी आयोजन होगा। इसमें कई दिव्यांग जनों को जॉब दिया जायेगा।
सीएमडी ने कहा कि अबतक हम लोगों ने एक सौ दिव्यांग जनों को जॉब उपलब्ध कराया है।
उन्होंने कहा कि इस दिव्य कला मेला में जितने भी दिव्यांग यहां पर आयेंगे उनका रहना,खाना सब निशुल्क है। यह सारी सुविधा भारत सरकार उपलब्ध कराती है।
हमारा उद्देश्य कि रांची के जितने भी लोग हैं वे इस दिव्य कला मेला में आए और दिव्यांग जनों का हौसला बढ़ाने का काम करें। इस मेला में पूरे भारत के अलग अलग राज्यों से दिव्यांग जन अपनी हैंड क्राफ्ट का प्रदर्शन करेंगे। मेला में 60 से अधिक स्टॉल लगाए जायेंगे।
मेला में हर दिन मंच पर दिव्यांग जनों के द्वारा दिव्य कला शक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम के ज़रिए संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकेंगे।
दिव्यांग जनों के हुनर और उनके प्रदर्शन को इस मेला में देखा जा सकता है। मेला में इंट्री फ्री है। मेला में एक नया अनुभूति लोगों को महसूस होगा।इसमें जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और कई अन्य राज्यों सहित देश के सभी कोनों से दिव्यांग कारीगरों द्वारा तैयार किए गए विविध उत्पादों को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। मेले में आने वालों को विभिन्न प्रकार के रंगों और रचनात्मकता को देखने का आनंद मिलेगा, जिसमें उत्तम हस्तशिल्प, हथकरघा और कढ़ाई के काम से लेकर स्वादिष्ट व्यंजन और पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं तक सभी प्रकार के उत्पाद शामिल होंगे।इस अवसर पर विश्व मोहन झा, प्रभाकर कुमार, एके दूबे सहित कई लोग उपस्थित थे।

