मुरहू की प्रभा देवी जोहार परियोजना से जुड़कर कमा रही लाखों रुपए…
खूंटी: मुरहू प्रखंड स्थित गमहरिया गांव निवासी प्रभा देवी, जोहार परियोजना अंतर्गत आजीविका मत्स्य मित्र के रूप में काम कर ग्रामीणों को मछली पालन के गुर सिखा रही हैं।
ज्योति आजीविका महिला मंडल द्वारा प्रभा जोहार परियोजना से जुड़ी हैं। जिसके बाद जीवन उत्पादक महिला समूह द्वारा प्रभा को मछली पालन के लिए प्रशिक्षण के साथ ही सहयोग राशि, जीरा, चुना आदि प्राप्त हुए।
आज प्रभा दीदी परियोजना से मिले सहयोग से अपने तालाबों में मछली की नर्सरी कर अंगुलिका तैयार कर रही हैं, साथ हीं बड़ी मछलियों का भी व्यापार कर अच्छी आमदनी कर रही है।
इसके अलावा प्रभा जोहार परियोजना के तहत विभिन्न गतिविधियों जैसे उच्च मूल्य कृषि, बत्तख पालन आदि से सालाना 1 लाख रुपए तक का मुनाफा कमा रही है।
जोहार परियोजना, झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के द्वारा संचालन किया जा रहा है। जोहार परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं का आजीविका संवर्धन करना है।
जोहार परियोजना में महिलाओं की आजीविका वृद्धि के लिए विभिन्न गतिविधियों में कार्य किया जा रहा है, विभिन्न गतिविधियों में से मत्स्य पालन जोहार परियोजना में एक मुख्य घटक है। ग्रामीण महिलाएं जोहार परियोजना से जुड़कर पहली बार मत्स्य पालन कार्य कर अपनी आजीविका बढ़ा रही है। इन ग्रामीण महिलाओं के पास साधन होते हुए भी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने और मछली पालन जानकारी नहीं होने के कारण अपने स्रोतों का सही उपयोग नहीं कर पा रही थी।
बीज उत्पादन, समेकित मछली पालन एवं पेन और केज कल्चर में मत्स्य पालन, जोहार परियोजना के तहत उपरोक्त वर्णित उपघटकों में कार्य कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए महिलाओं का क्षमता वर्धन भी किया जाता है, इसके लिए ग्राम स्तर में तकनिक प्रशिक्षित मत्स्य मित्र के द्वारा मछली पालन करने के लिए प्रारंभिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक तरीके ( तालाब प्रबंधन, जल जाँच, बीच संचयन, आहार प्रबंधन, रोग निराकरण प्रबंधन और बाजारीकरण) से मछली पालन करने के विषय में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिससे कि ग्राम की महिलाएं अपनी उत्पादकता को बढ़ा सकें। क्षमतावर्धन / प्रशिक्षण के साथ-साथ जोहार परियोजना मत्स्य पालन में महिलाओं का आजीविका संवर्धन करने के लिए जोहार सहयोग राशि भी उपलब्ध कराती हैं।

