शराब माफियाओं ने दिनदहाड़े पुलिस कर्मी को मारी गोली

अनूप कुमार सिंह
रोहतास: बिहार में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। आए दिन शराब माफिया बेखौफ होकर पुलिस टीम पर हमले कर रहे हैं।जहां पुलिसकर्मियों के घायल होने के साथ-साथ शराब तस्करों को छुड़ाने का भी मामला सामान्य तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में प्रतीत होता है कि शराब माफियाओं में पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है।वे अपने मंसूबों को धड़ल्ले से अंजाम देने में सफल हो रहे हैं। ताजा मामला रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में देखने को मिला है। जहां नगर निगम सासाराम क्षेत्र के तारगंज में अवैध शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई उत्पाद विभाग की पुलिस टीम पर मंगलवार को दिनदहाड़े शराब माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में एक पुलिसकर्मी को गोली लग गई।जिसे आनन-फानन में सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। गौरतलब हो
कि उत्पाद विभाग की एक टीम अवैध शराब की सूचना पर तारगंज में छापेमारी करने पहुंची थी। तभी शराब माफियाओं ने अचानक उत्पाद विभाग की टीम पर हमला कर दिया। जिसमें एक पुलिसकर्मी के हथेली में गोली लग गई। हमले के दौरान घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल हो गया। इसी क्रम में उत्पाद विभाग ने दो तस्करों को भी दबोच लिया। सूचना थी कि शराब माफियाओं द्वारा तारगंज में शराब की एक बड़ी खेप मंगाई गई है। जिसको लेकर उत्पाद विभाग ने सूचना का सत्यापन करते हुए उक्त स्थल पर छापेमारी करने पहुंच गई। लेकिन शराब माफियाओं ने भागने की बजाय उत्पाद विभाग की टीम पर हीं हमला बोल दिया। जिसमें एक पुलिसकर्मी को हाथ में गोली लग गई। वहीं घटना के संदर्भ में उत्पाद निरीक्षक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की एक टीम तारगंज में छापेमारी करने गई थी। जहां शराब माफियाओं के हमले में एक पुलिसकर्मी को गोली लगी है। घायल पुलिसकर्मी गोविंद चौहान फिलहाल खतरे से बाहर बताए जाते हैं। उनका सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। उन्होंने बताया की छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग ने घटना स्थल से दो शराब तस्करों को गिरफ्तार करते हुए कुछ शराब भी बरामद किया है। घटना को लेकर करवंदिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

इधर घायल पुलिसकर्मी का इलाज करने वाले डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि एक पुलिसकर्मी को हाथ में गोली लगने के कारण सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया।

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