सर्वकालिक प्रासंगिक नेता थे स्वर्गीय राजीव गांधी : डॉ. रामेश्वर उरांव
रांची: राजीव गांधी की जयन्ती के मौके पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्म जयंती मंगलवार को वरिष्ठ नागरिक उद्यान एचईसी परिसर में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर राजीव गांधी की प्रतिमा पर मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता व मंत्री डॉ रामेश्वर उराँव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव,डॉ राजेश गुप्ता छोटू, रोशन लाल भाटिया,मंजूर अहमद अंसारी उपस्थित होकर सभी ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया,दीप प्रज्वलित किया और राजीव गांधी के किए गए कार्यों की प्रशंसा की तथा कहा कि राजीव जी आधुनिक भारत के निर्माता थे।पूरे परिसर में राजीव गांधी अमर रहे,जब तक सूरज चांद रहेगा राजीव तेरा नाम रहेगा नारों से गूंजता रहा।
माल्यार्पण के उपरांत श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए वित्त मंत्री डा.रामेश्वर उरांव जी ने कहा कि राजीव जी ने जिस समाजवादी समाज की कल्पना की थी उसे साकार करने की आवश्यकता है।
वित्त मंत्री ने कहा कांग्रेस और राजीव जी का स्वप्न था कि संसाधनों के दोहन और धन के संचय के साथ-साथ उसके सही वितरण पर भी ध्यान देना जरूरी है। इस बात पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है कि समाज के अंतिम व्यक्ति दैनिक भोगी मजदूर, सीमांत कृषक, दलित, सभी तक उसका वितरण हो।
स्वर्गीय राजीव गांधी के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राजीव गांधी आज भी प्रासंगिक है और आने वाले समय में भी प्रासंगिक रहेंगे। वह विज्ञान और बदलाव के हमेशा से समर्थक रहे थे, आज जो घर-घर में मोबाइल है वह दूर संचार क्रांति, आर्थिक नीतियों पर बात हो तो नवीन आर्थिक नीति, शिक्षा के क्षेत्र में सामान्य जनों को कम पैसे में शिक्षक देने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना जैसी अनेक चीज हैं जिन्हें समाज कभी भुला नहीं सकता और उनका यही गुण है कि माननीय राजीव गांधी जी बदलाव के समर्थक रहे और हर समय में,अतीत में भी प्रासंगिक थे हैं और भविष्य में भी प्रासंगिक रहेंगे।
इस अवसर पर आलोक कुमार दूबे ने कहा स्वर्गीय राजीव गांधी विज्ञान और भविष्य की सोच लिए वैज्ञानिक सोच रखने वाले राष्ट्रीय नेता थे और देश और समाज को बदलाव और नवीनता के लिए कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाया, घर-घर मोबाइल बच्चों को कम पैसे में गुणात्मक शिक्षा जैसे अनेक कार्य हैं, जिन्हें देश की जनता कभी नहीं भूल पाएगी। चाहे दूर संचार के क्षेत्र की क्रांति हो, शिक्षा जगत में क्रांति हो,आर्थिक नीति की बात हो स्व राजीव गांधी हमेशा से लोगों के आदर्श रहेंगे। उनके वैज्ञानिक सोच का समर्थक तो क्या विरोधी भी सम्मान करते हैं।
श्री आलोक कुमार दूबे ने कहा कि राज्य की जनता डॉ रामेश्वर उरांव जी को धन्यवाद दे रही है जिनके अथक प्रयास से झारखण्ड में युग पुरुष राजीव गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण हुआ।
समारोह का संचालन करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा पंचायती राज्य व्यवस्था में महिलाओं के लिए आधी सीटें आरक्षित कर देश में बदलाव की मशाल जलाई।युवाओं को सूचना तकनीक के माध्यम से दुनिया को नेतृत्व प्रदान करने की शक्ति दी।उनके सिद्धांतों पर ही आज देश का युवा वर्ग आगे बढ़ रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा मतदान की आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर छात्रों को लोकतंत्र में सीधी भागीदारी सुनिश्चित कर ऐतिहासिक निर्णय लिया।पांच वर्ष के छोटे से प्रधानमंत्रित्व काल में राजीव जी का योगदान देश के लिए अविस्मरणीय है। महिलाओं की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित कर मील का पत्थर साबित कर दिया।
राजीव गांधी वरिष्ठ नागरिक परिवार के संयोजक गोपाल कृष्ण झा ने स्वागत भाषण दिया, सेवानिवृत्त अधिकारी गोपाल प्रसाद ने राजीव जी के ऊपर रचित कविता पढ़ा तथा जगदीश कुशवाहा ने गीत प्रस्तुत किया।
इसके पूर्व डॉक्टर रामेश्वर राव ने राजीव गांधी की प्रतिमा निर्माण एवं उद्यान बनाने तथा आज के
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू तथा राजीव गांधी वरिष्ठ नागरिक उद्यान समिति परिवार के प्रयासों की सराहना की।
रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा,प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता शशि भूषण राय,विनय सिन्हा दीपू,दयामणि बारला,दिनेश यादव, सुषमा कुमारी, प्रभात भगत, गोपाल कृष्ण झा,ठाकुर देवनाथ सिंह, शशिकांत झा ,जगदीश कुमार , दिनेश पाठक, अरुण कुमार,शालिनी शर्मा,नेहा सिंह, गोपाल कृष्ण झा,शिव शंकर सिंह,रामाज्ञा पाण्डेय,डीएन.सिंह, तिलकधारी प्रसाद, उमाकांत प्रसाद,डी.डी.प्रसाद,लेथोनिन मिंज, ज्योत्स्ना वाघेला, डॉ वीरेंद्र प्रसाद, सरोजिनी कविता संगीता टोप्पो, राजेन्द्र राम,गोपाल ठाकुर, जगदीश कुशवाहा, सुरेश केरकेट्टा मुख्य रूप से उपस्थित थे।

