पूर्णिया में खेमका का ‘कमल कनेक्शन’ तेज़ — अधिवक्ताओं से बोले, जनसेवा ही मेरा धर्म!

डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी में अधिवक्ताओं से आत्मीय संवाद, गौरा पंचायत में जनसंवाद का नया अध्याय

पूर्णिया :राजनीति में चेहरों की भीड़ है, मगर कुछ चेहरे भरोसे की पहचान बन जाते हैं।
विजय खेमका, 62-पूर्णिया विधानसभा के एनडीए प्रत्याशी और मौजूदा विधायक, आज फिर उसी पहचान को मज़बूत करने मैदान में उतरे।
दिन की शुरुआत हुई डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी से — जहाँ उन्होंने अधिवक्ताओं, टाइपिस्टों और विधिक समुदाय के बीच पहुंचकर एक-एक से हाथ मिलाया, मुस्कराए, हाल पूछा और कहा — “आपका समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। जनसेवा मेरा धर्म है, विकास मेरा संकल्प।”

लाइब्रेरी में ‘कमल संवाद’ – वकालत की मेज़ से उठा जनसमर्थन का स्वर

हर टेबल पर पहुंचते ही अधिवक्ताओं ने कहा — “खेमका जी, आपका काम दिखता है, और जनता को विकास चाहिए।”
भाजपा प्रत्याशी के इस आत्मीय अभियान ने माहौल को पारंपरिक राजनीतिक रैली से अलग, संवाद और सम्मान का स्वर दिया।

विधायक खेमका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊँचाइयों पर है और पूर्णिया को ‘स्मार्ट सिटी’ की सोच के साथ आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है।“पूर्णिया के हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुँचे, यही मेरा प्रण है ”।

लाइब्रेरी से गांव तक — खेमका का जनसंपर्क 5G स्पीड में!

लाइब्रेरी से निकलते ही काफिला पहुँचा लिस्ट ब्लॉक के गौरा पंचायत।
यहाँ दुकानदारों से लेकर किसान, रिक्शाचालक और युवाओं तक — सबने विधायक को घेरा, अपनी बातें रखीं, और कहा —“काम हुआ है साहब, अब बस जीत की बारी है।”

खेमका ने सभी से कहा — “पूर्णिया का वोट, विकास के नोट जैसा है। हर वोट, हर दिल से जुड़ा है।”

कानून के रखवालों ने दिया विकास को साथ

जनसंवाद कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिवक्ता —दिलीप कुमार दीपक, विकास झा, मनोज सिन्हा, हार्दिक सुनील सिंह, पंकज कुमार गुप्ता, विजेंद्र चौधरी, जयप्रकाश सिंह ठाकुर और धनंजय झा —
सभी ने एक स्वर में कहा — “विजय खेमका ने अधिवक्ताओं के सम्मान और सुविधाओं के लिए जो किया, वह सराहनीय है। पूर्णिया को फिर कमल चाहिए।”

जनता बोले: ‘विकास का नाम – विजय खेमका’

चाय की दुकानों से लेकर कोर्ट परिसर तक, एक ही चर्चा है —
“काम बोले, खेमका चले!”
एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी विजय खेमका का यह जनसंपर्क अभियान अब प्रचार की रफ्तार को नई ऊँचाई पर पहुँचा रहा है।
“जनता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ा चुनावी सिंबल है।”
— विजय खेमका

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