जेपी विचार मंच ने जेपी को किया याद
रांची :जेपी विचार मंच के तत्वाधान में मंगलवर को बरियातू स्थित वरदान गिरी अपार्टमेंट में जयप्रकाश नारायण की जयंती सत्येंद्र कुमार मल्लिक की अध्यक्षता में मनाई गई। मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड क्षेत्र के कांके विधानसभा के विधायक समरी लाल ने उनके चित्र पर माल्यार्पण करते हुए अपने संबोधन में कहा कि जेपी सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं व्यवस्था परिवर्तन चाहते थे उनके इन संघर्ष का परिणाम है कि आज लोकतंत्र देश में सुरक्षित है हमें उनके विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़ना होगा।
जेपी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार मल्लिक ने कहा कि जेपी संपूर्ण क्रांति के माध्यम से सत्ता के चरित्र और व्यवस्था के परिवर्तन में सतत संघर्षशील रहे और उनके संघर्षों के परिणाम ही है कि लोकतंत्र में लोक की शक्ति जागृत हुई, जेपी विचार मंच के सचिव ब्रजकिशोर नारायण ने कहा कि आज के प्रसंग में जेपी की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है झारखंड के परिपेक्ष में अगर देखा जाए आज भी राज्य भ्रष्टाचार और कु व्यवस्था सेग्रसित है जे पी के जेपी के अनुयायियों को इसके खिलाफ आंदोलन करना चाहिए
इस अवसर पर उपस्थित सेवानिवृत्त इंजीनियर इन चीफ श्री लक्ष्मी शंकर ने जेपी के साथ बिताए हुए संस्मरण का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेपी हमेशा से ही लोक कल्याणकारी में समाज में अग्रणी भूमिका निभाते रहे यह एक अनोखा प्रयोग था जिससे कि आज लोकतंत्र फल फूल रहा है
श्रीमती उषा पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार एक आचरण है और इस आचरण को हम अपने चरित्र के माध्यम से ही समाज में ला सकते हैं
रूपमती मुंडा ने कहा कि जेपी हमेशा के लिए समाज के लिए अग्रणी भूमिका निभाते रहे उनकी विचारधाराओं को आत्मसात कर हम सभी को बढ़ना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित नौशाद आलम ने कहा कि हमें जे पी के विचारों को समाज में के बीच ले जाना चाहिए उन्होंने जेपी विचार मंच को आवाहन किया कि आप उनके विचारों को समाज के बीच ले जाएं हम सभी आपके साथ हैं।
इस जयंती सभा को संबोधित करते हुए जेपी विचार मंच के प्रदेश प्रवक्ता शैलेश कुमार सिन्हा ने कहा जेपी अगर सूरज थे तो जेपी विचार मंच हम सभी उनके विचारों के दीपक के समान है सूरज और दीपक की तुलना नहीं हो सकती है लेकिन जे पी के विचार लोकतंत्र में सदा ही अमर रहेगा इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरोज सिंह डॉक्टर ए के लाल, शशांक शेखर सहाय, जूली चौधरी, पूनम मलिक, सुभाष झा, मनीष सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, डॉ सतीश सिन्हा, डॉ अजय सिन्हा, मुन्ना बराएक, अजीत दत्ता, शशि श्रीस्तावत
सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा, राकेश महतो आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन शैलेश कुमार सिन्हा ने किया

